धनबाद(DHANBAD) : धनबाद, निरसा, पुटकी, महुदा , बोकारो के साइबर अपराधी गैंग की समानांतर व्यवस्था चल रही है. यह गैंग कहीं भी बैठकर कहीं से भी साइबर अपराध की घटनाओं को अंजाम दे रहे है. दिल्ली पुलिस लगातार कई दिनों से धनबाद की खाक छान रही है. कुछ लड़कों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. दिल्ली पुलिस सरगना की तलाश कर रही है. सरगना निरसा का रहने वाला बताया जाता है. दिल्ली के एक आईएएस अधिकारी से साइबर ठगी की गई है और इसी मामले में दिल्ली साइबर पुलिस की टीम धनबाद की खाक छान रही है. लड़कों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. दिल्ली के एक आईएएस अधिकारी से इन्ही अपराधियों के गिरोह ने उनके एक्सिस बैंक के खाते का केवाईसी अपडेट करने के नाम पर लगभग एक लाख नब्बे हज़ार रुपए की ठगी कर ली है.
दिल्ली साइबर शाखा में अंकित है कांड
इस संबंध में दिल्ली साइबर शाखा में कांड अंकित कराया गया है. जांच में पता चला है कि इस घटना में धनबाद, निरसा , पुटकी, महुदा , बोकारो के कुल 8 साइबर अपराधियों का एक गैंग है ,जो घटना को अंजाम दिए है. अपराधियों ने अपने सहयोगियों के बैंक खाते में रकम ट्रांसफर कराया है. इस गैंग में फिरोजाबाद में भी साइबर ठगी की है. फिरोजाबाद की पुलिस टीम भी जल्द ही धनबाद पहुंच सकती है. धनबाद में साइबर अपराधियों का गैंग अपनी समानांतर व्यवस्था चला रहा है. देश की कोई कोई भी ऐसी पुलिस नहीं है, जो साइबर अपराधियों की खोज में धनबाद नहीं पहुंची हो. छापेमारी करती है, लोगों को पकड़ कर लेकर जाती है.
रोज ठगने का अपनाते है नया हथकंडा
पुलिस लगातार कोशिश कर रही है लेकिन साइबर अपराधियों की गतिविधियों पर अंकुश नहीं लग रहा है. यह साइबर अपराधी इतने चतुर है कि ठगी करने का हमेशा कुछ ना कुछ नया हथकंडा अपना लेते है. कभी किसी को कुछ बता कर तो कभी किसी को कुछ कह कर झांसे में लेते हैं और फिर अकाउंट खाली कर देते है. वैसे झारखंड में सबसे अधिक साइबर अपराधी देवघर जिले में सक्रिय है. हालांकि जामताड़ा और गिरिडीह में भी साइबर अपराधियों की संख्या कम नहीं है. जामताड़ा तो साइबर अपराधियों की जननी ही है. यहां से निकले साइबर अपराधी देश के विभिन्न हिस्सों में फैल गए हैं और साइबर अपराध की घटनाओं को अंजाम दे रहे है. कभी अपने शहर से दूर कहीं भाड़े के घर में जगह लेकर ठगी करते हैं तो कभी एकांत जंगल में बैठकर ठगी का काम करते है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
