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पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा का अचानक कद ऊंचा करने के क्या-क्या हो सकते हैं राजनीतिक मायने, पढ़िए 

पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा का अचानक कद ऊंचा करने के क्या-क्या हो सकते हैं राजनीतिक मायने, पढ़िए 

टीएनपी डेस्क(TNP DESK): झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा का अचानक कद बढ़ गया है. राजनीतिक पंडित इसे चुनाव से जोड़ कर देख रहे हैं.नरेंद्र सिंह तोमर के मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी उन्हें मिल गया है. साथ ही छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री के चयन की प्रक्रिया के लिए वह पर्यवेक्षक भी नियुक्त किए गए हैं. यह बात अलग है कि अर्जुन मुंडा को 2019 में खूंटी से संसद का चुनाव लड़ने को कहा गया.अर्जुन मुंडा ने पार्टी के आदेश का पालन किया और गिरते पड़ते चुनाव जीत गए. उसके बाद उन्हें केंद्रीय मंत्री बनाया गया .लेकिन अचानक छत्तीसगढ़ में भाजपा को मिली शानदार जीत के बाद अचानक अर्जुन मुंडा का कद बढ़ा दिया गया है .मतलब साफ है कि सारा कुछ आदिवासी वोटरों को साधने के लिए किया जा रहा है.

आदिवासी वोटो में सेंधमारी किए बिना झारखंड में भाजपा को नहीं मिल सकती 14 सीटें 

झारखंड की 14 लोकसभा सीट में से अभी 12 भाजपा के पास है. भाजपा चाहेगी कि झारखंड की लोकसभा की सभी सीटें भाजपा की झोली में पहुंचे और इसके लिए आदिवासी वोटरों को उत्साहित करना, गोलबंद करना जरूरी होगा. वैसे झारखंड में भाजपा पूरी तरह से आदिवासियों को साधने के लिए काम कर रही है. पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है. बाबूलाल मरांडी एक समय में भाजपा छोड़कर अपनी अलग पार्टी बना लिए थे. लेकिन फिर भाजपा में लौटे तो प्रदेश अध्यक्ष बना दिए गए. भाजपा यह जानती है कि आदिवासी वोटो में सेंधमारी किए बिना झारखंड में भाजपा को 14 सीटे नहीं मिल सकती है. भाजपा यह भी जानती है कि झारखंड से सटे बिहार और बंगाल में भाजपा को बहुत बड़ी सफलता मिलने में कठिनाई है. इसलिए झारखंड पर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व का विशेष नजर है.

आदिवासी वोटरों को साधने के लिए भाजपा कर रही एक से एक उपाय

आदिवासी वोटरों को साधने के लिए एक से एक उपाय किए जा रहे हैं. आदिवासी महिला को राष्ट्रपति बनाया गया. अर्जुन मुंडा को अतिरिक्त प्रभार देकर उनका कद बढ़ाया जा रहा है. बाबूलाल मरांडी को झारखंड में निष्कंटक जमीन तैयार कर दे दी गई है. अमूमन शांत स्वभाव के बाबूलाल मरांडी फिलहाल काफी आक्रामक दिख रहे हैं. झारखंड के हर एक घटनाओं और गतिविधियों पर कड़ी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. अपनी हर सभा में सोरेन परिवार को निशाने पर रख रहे हैं. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और आदिवासी नेता अर्जुन मुंडा का एकाएक कद बढ़ाने के पीछे लोकसभा चुनाव को ही राजनीतिक पंडित मान रहे हैं.

 रिपोर्ट: धनबाद ब्यूरो 

Published at:09 Dec 2023 10:31 AM (IST)
Tags:jharkhand newsjharkhand politicspolitical news jharkhandbjp jharkhandbabulal marandiformer Chief Minister Arjun Munda
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