जमशेदपुर(JAMSHEDPUR): जल ही जीवन है. इस जल के बिना किसी जीव की कल्पना भी नही की जा सकती. शहरों और नगर निगम में इसी जल यानि कि पानी के लिए निगम से कनेक्शन लेना पड़ता है. मगर, कभी-कभी पानी कनेक्शन की प्रक्रिया इतनी जटिल कर दी जाती है कि लोग चाह कर भी कनेक्शन ले नहीं पाते. यही हाल जमशेदपुर के पूर्वी विधानसभा क्षेत्र में जुस्को और जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया का है. इनके द्वारा पानी के कनेक्शन लेने की प्रक्रिया को इतनी जटिल कर दी गई है कि लोग परेशान हैं. परेशान लोग भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में बिष्टुपुर स्थित जुस्को के सेंट्रल वाटर टावर गेट के समक्ष एक दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन पर बैठ गए हैं और निष्कर्ष नहीं निकलने पर जुस्को के मेन कार्यालय को जाम करने की चेतावनी दी है.
सैप नंबर अनिवार्य कर दिया गया
जमशेदपुर के छाया नगर, चंडी नगर, किशोरी नगर, निर्मल नगर मानन बस्ती जैसे क्षेत्रों में पानी के लिए त्राहिमाम मचा हुआ है. लोगों को पानी कनेक्शन के नाम पर ₹15,000 से ऊपर मांग की जा रही है. साथ ही पानी कनेक्शन को लेने के लिए सैप नंबर अनिवार्य कर दिया गया है. ऐसे में गरीब आर्थिक रूप से कमजोर लोग पानी का कनेक्शन नहीं ले पा रहे हैं, जिससे आक्रोशित लोगों ने भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर बिष्टुपुर स्थित जुस्को के सेंट्रल वाटर टावर गेट के समक्ष सांकेतिक प्रदर्शन किया. वहीं जानकारी देते हुए भारतीय जनता पार्टी के पवन अग्रवाल ने बताया कि पूर्व की सरकार द्वारा 3540 रुपए में केवल आधार कार्ड के साथ नया कनेक्शन दिया जाता था. पर 2019 के बाद से पानी के कनेक्शन को लेने के लिए प्रक्रिया काफी जटिल कर दी गई है. सैप नंबर अनिवार्य कर दिया गया है.
पैसों की बंदर बाट हो रही है
सैप नंबर अनिवार्य करने के बाद उसमें भी धांधली हो रही है. चार से पांच बार फॉर्म जमा करना पड़ रहा है. इसके बाद 15,000 रुपए ऊपर से राशि जमा करनी होगी. तब जाकर लोगों को पानी का कनेक्शन मिलेगा. उन्होंने बताया कि किसी से 20,000 रुपए, किसी से 40,000 तो किसी से 18,000 रुपए, इस तरह से पैसा लिया जा रहा है. और सैप नंबर देने में भी पैसों का बंदरबांट हो रहा है. ऐसे में गरीब जनता कहां जाए. उन्होंने कहा कि अगर निष्कर्ष नहीं निकला तो वे सभी जुस्को के मुख्य कार्यालय का घेराव करेंगे.
रिपोर्ट: रंजीत ओझा, जमशेदपुर