लोहरदगा (LOHARDAGA): बॉक्साइड के लिए लोहरदगा देश-दुनिया में मशहूर है. एक ओर जहां इससे सरकार को राजस्व की प्राप्ति होती है, वही स्थानीय लोगों को इसका खमियाजा दुष्प्रभाव के रूप में भुगतना पड़ता है. इसलिए समय-समय पर इसकी खदान और क्रशर के विरोध में ग्रामीण गोलबंद होते रहते हैं. ताजा मामला हेसल गांव का है. बीकेबी नामक एक कंपनी बॉक्साइड का क्रशर लगाने जा रही है, जिसका ग्रामीणों ने बुधवार को जमकर विरोध किया. ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी क्षेत्र के विकास के लिए नहीं ब्लकि अपने लाभ के लिए काम करती है.
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क्या है मामला
लोहरदगा शहरी क्षेत्र से बड़की चांपी स्टेशन के पास बॉक्साइड अनलोडिंग कार्य शिफ्ट करने का काम किया जा रहा है. इसी निमित्त बीकेबी कंपनी गांव में क्रेशर प्लांट लगा रही है. ग्रामीणों का कहना है कि गांव में यह काम बिना गांव वालों की पूर्ण सहमति से करवाया जा रहा है. वहीं क्षेत्र में उत्पन्न होने वाली परेशानियों को नजर अंदाज कर कंपनी दलाल के माध्यम से काम करा रही है. ऐसे में हेसल पंचायत क्षेत्र की जमीन आने वाले समय में बंजर होने लगेगी. कंपनी ने चंद पैसों का लालच देकर गांव के दबंग लोगों को अपने पक्ष में कर लिया है. इसके साथ ही जबरन इस इलाके में बॉक्साइड तोड़ने के लिए क्रेशर मशीन लगाने और उसे बड़की चांपी तक पहुंचाने का काम शुरू कर दी है. जिस पर ग्रामीणों ने इसका जोरदार विरोध किया.
रिपोर्ट: गौतम लेनिन, लोहरदगा
