पलामू(PALAMU): सोहया पहाड़ बचाओ संघर्ष समिति के तत्त्वाधान में मंगलवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने हुसैनाबाद अंचल कार्यालय परिसर में धरना दिया. कार्यक्रम की अध्यक्षता रामकेश्वर मेहता ने किया जबकि संचालन समाजसेवी मुकेश मेहता ने की. धरना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजसेवी व समिति प्रभारी रामजी मेहता ने कहा कि पत्थर माफियाओं के चलते सोहैया पहाड़ का अस्तित्व खत्म होने के कगार पर है. प्रदूषण के चलते सोहैया पहाड़ के इर्दगिर्द दर्जनों गांव में सिचाईं कार्य प्रभावित हो रही है. पहाड़ में हो रहे बारूद ब्लास्टिंग के चलते वायु प्रदूषण दूषित होने के करण लोग बीमार पड़ रहे हैं. सबसे ज्यादा परेशानी सोहैया पहाड़ स्थित कई क्रशर प्लांट से लोगों को हो रही है. पानी का छिड़काव नहीं किया जाता है.
कार्यक्रम के अंत मे अंचल पदाधिकारी को पलामू उपायुक्त के नाम सात सूत्री मांग पत्र सौंपा गया. मांग पत्र में मुख्य रूप से सोहेया पहाड़ के जो लीजधारी है वह गलत खतियान दिखाकर लीज करवाएं है, उनका लीज रद्द किया जाए. सोहैया पहाड़ से अवैध उत्खनन से खेती पेयजल प्रभावित हो रही आदि कई मांग शामिल है. कार्यक्रम में मुख्य रूप से हरिनंदन मेहता, भोला अंसारी, इस्लाम अंसारी, गोरख पासवान, करमी देवी, सरिता देवी, विपति देवी, ललिता देवी, संजय मेहता, सतेंद्र मेहता समेत कई लोग मौजूद थे.
क्रशर स्टोन माइन्स से पूरे इलाके को खंडहर में तब्दील कर दिया है. आस पास के ग्रामीण क्रशर के दस्त से आधी आबादी फेफड़ा व टीवी जैसी घातक बीमारी के चपेट में हैं. ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि यह स्टोन माइंस के संचालक यहां ग्रामीणों के दिनचर्या देखने कभी नही आते है. वे लोग पैसा व पावर के बल पर जिला से लेकर राज्य स्तर के पदाधिकारियों तक चढ़ावा चढ़ाते हैं. लेकिन ग्रामीणों और आस पास में हो रही मानव क्षति का आंकलन कोई नही करता हैं.
