गोड्डा(GODDA): आजादी के 74 वर्षों बाद साल 2021 में गोड्डा रेलवे स्टेशन तक रेल की पटरी बिछाई गई और ट्रेनों का परिचालन शुरू किया गया. और वर्तमान समय में गोड्डा से फिलहाल दस ट्रेन अलग-अलग गंतव्य तक आवागमन करती है. लेकिन इससे इतर एक दूसरा पहलु भी है. दरअसल, गोड्डा रेलवे स्टेशन से महज 6 किलोमीटर पहले एक हॉल्ट कठौन भी बनकर तैयार हुआ था. मगर आजतक यहां एक भी सवारी गाड़ी नहीं रूकी, जिसको लेकर स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा रहा है.
जमीन भी गई और स्टेशन का लाभ भी हमें नहीं मिला : ग्रामीण
दरअसल, आज यानी शुक्रवार के दिन दर्जनों ग्रामीण स्टेशन पर जुटे. इस दौरान सभी के मन जन प्रतिनिधियों के अलावा रेलवे के प्रति भी नाराजगी दिखी. ग्रामीणों का कहना था कि जिस वक्त रेलवे द्वारा हमसे जमीन ली गयी थी उस वक्त जमीन देने के बाद ये उम्मीद जगी थी कि रेल सफर की सुविधा हमें मिलेगी जो इतने वर्षों तक नहीं मिली थी. लेकिन ग्रामीण आज भी गोड्डा से ट्रेनों का आवागमन होता देखते तो जरुर हैं लेकिन इस स्टेशन से सफर नहीं कर सकते. दरअसल, इस स्टेशन पर ट्रेन रुकता नहीं हैं. उन्हें सफर करने के लिए या तो गोड्डा 8 किलोमीटर या फिर पोडैयाहाट 12 किलोमीटर तय कर ट्रेन पकड़ने जाना पड़ता है.
22 अक्टूबर को रेल रोककर करेंगे आंदोलन : ग्रामीण
आगामी 22 अक्टूबर को गोड्डा से टाटानगर के लिए नयी ट्रेन की शुरुआत गोड्डा रेलवे स्टेशन से होने जा रही है. ग्रामीणों ने बताया कि इस नयी ट्रेन को ही रोककर आंदोलन की शुरुआत करेंगे तब ही सांसद और रेलवे तक ये बात पहुंचेगी. ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने सांसद निशिकांत दुबे के साथ रेलवे के डीआरएम को भी लिखित मांग दी थी, लेकिन इसके बावजूद यहां ठहराव नहीं शुरू हो सका है. हमारे पास अब केवल आंदोलन ही विकल्प बचा है.
रिपोर्ट: अजीत कुमार सिंह, गोड्डा
