धनबाद(DHANBAD): 12 मार्च "1994 को झरिया में एक 10 वर्षीय बच्चे शाहनवाज की हत्या कर दी गई थी. हत्या उस समय की गई थी, जब वह झरिया के इंडियन स्कूल ऑफ लर्निंग में पढ़ने गया था. स्कूल से लौटते वक्त अपहरण कर उसे दामोदर नदी के घाट पर ले जाया गया और उसके बाद चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी गई. 21 जून" 2023 को इस मामले में कोर्ट का फैसला आया है. हत्या के जुर्म में धनबाद जिला एवं सत्र न्यायालय ने मुस्ताक अंसारी उर्फ मुन्ना मियां को दोषी ठहराया है. सजा की बिंदु पर सुनवाई 23 जून को होगी. दोषी ठहराने के बाद पुलिस ने मुस्ताक को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. जिस समय शाहनवाज की हत्या हुई थी, उस समय वह दूसरी कक्षा का छात्र था.
नदी घाट पर चाकू गोद कर कर दी गई हत्या
घटना के संबंध में जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक शाहनवाज आईएसएल स्कूल झरिया से पढ़ कर लौट रहा था कि उसका अपहरण कर लिया गया और उसके बाद उसकी हत्या कर दी गई. घटना के दिन जब शाहनवाज घर नहीं लौटा तो उसके घर वालों ने खोजबीन शुरू की. पिता शराफत हुसैन ने झरिया थाने में शिकायत दर्ज कराइ. दूसरी ओर आरोपियों ने घटना के दिन शाम लगभग 5 बजे शाहनवाज को लेकर चिरकुंडा स्थित दामोदर नदी के पास गए. बच्चे को गाड़ी से उतारा और चाकू घोंप कर उसकी हत्या कर दी. पिता का आरोप था कि हत्यारों ने ₹50000 की मांग की थी. नहीं देने पर बच्चे का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी. लगभग 29 साल बाद बच्चे के हत्याकांड में कोर्ट का फैसला आया है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
