जमशेदपुर: Netaji Subhas University के भूगोल विभाग द्वारा आयोजित चार दिवसीय विशेष कार्यक्रम वसुधा संवाद का सोमवार को सफल समापन हो गया. 24 अप्रैल से 27 अप्रैल 2026 तक चले इस आयोजन में जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा हुई. कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों और समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था.
कार्यक्रम के पहले दिन डॉ फरजाना अंजुम ने जलवायु परिवर्तन पर व्याख्यान देते हुए इसके वैश्विक प्रभाव और मानव जीवन पर पड़ने वाले खतरों को विस्तार से समझाया. उन्होंने बढ़ते तापमान, अनियमित मानसून, पिघलते ग्लेशियर और घटती जैव विविधता को गंभीर चिंता का विषय बताया.
दूसरे दिन आयोजन को व्यावहारिक रूप देते हुए Rajkiya Adarsh Mahavidyalaya Deoghar के सहयोग से आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान छात्रों ने सीड बॉल निर्माण में भाग लिया. मिट्टी, खाद और बीज से तैयार इन सीड बॉल्स के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया. छात्रों ने इसे प्रकृति को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण कदम बताया.
समापन समारोह में Koru Foundation के अजीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. उन्होंने कहा कि पर्यावरण संकट का समाधान हमारी जीवनशैली में बदलाव से संभव है. उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे छोटे छोटे प्रयासों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें.
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मदन मोहन सिंह ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन छात्रों में सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी विकसित करते हैं. वहीं कुलपति डॉ प्रभात कुमार पाणी ने इसे सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया.
चार दिनों तक चले इस आयोजन ने छात्रों, शिक्षकों और समुदाय के बीच पर्यावरण संरक्षण को लेकर नई सोच और प्रतिबद्धता पैदा की. वसुधा संवाद ने यह संदेश दिया कि यदि युवा आगे आएं, तो पर्यावरण संरक्षण केवल एक विचार नहीं बल्कि एक जन आंदोलन बन सकता है.