रांची(RANCHI): ईरान-अमेरिका-इजराइल के बीच युद्ध में ईरान के सुप्रीम लीडर की जान चली गई. खामेनई की मौत की खबर के बाद देश के कई हिस्सों से प्रदर्शन की तस्वीर सामने आई है. पहले कश्मीर-यूपी में अमेरिका के खिलाफ सड़क पर प्रदर्शन हुआ. इसके बाद अब झारखंड की राजधानी रांची में शिया समुदाय ने विरोध मार्च निकाल कर विरोध दर्ज किया है. कर्बला चौक स्तिथ मस्जिद जाफ़रिया से ज़ुहर की नमाज़ के बाद प्रदर्शन शुरू हुआ.
सभी के हाथ में अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीर थी और जमकर अमेरिका के खिलाफ नारेबाजी की गई. साथ ही सभी ने इस हमले की निंदा की है. शिया समुदाय में गुस्सा है और वह गुस्सा सड़क पर दिखा है.सभी ने लब बैक या हुसैन,लब बैक या खामेनई की सदा बुलंद की है. साथ ही अमेरिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी की है.
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि आज सुप्रीम लीडर की मौत सिर्फ उनकी मौत नहीं है. बल्कि उन देशों का भी जनाजा उठा है जहां दुश्मन को पनाह देकर छुप कर वार करा रहे है. कहने को दुनिया में इस्लामिक देश कई है लेकिन सभी शांत बैठे है. अकेला शेर की तरह कोई लड़ रहा है तो वह ईरान के सुप्रीम लीडर है. उन्हे भले ही मार दिया गया लेकिन ईरान में हर बच्चा खामेनई है. जो अमेरिका और इसरायल के खिलाफ इस लड़ाई को आगे बढ़ाएगा.
सैय्यद तहज़ीबुल हसन रिज़वी,इमाम जुमा व जमाअत ने कहा कि खामेनई मजलूम बेबस की आवाज है. उन्हे धोखे से मार देना यह बताता है कि अमेरिका इंसानियत का दुश्मन है. अब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अपील की है. इस युद्ध के मामले में हस्तक्षेप कर शांति बहाल करे.
