☰
✕
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • TNP Special Stories
  • Health Post
  • Foodly Post
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Art & Culture
  • Know Your MLA
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • Local News
  • Tour & Travel
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • Special Stories
  • LS Election 2024
  • covid -19
  • TNP Explainer
  • Blogs
  • Trending
  • Education & Job
  • News Update
  • Special Story
  • Religion
  • YouTube
  1. Home
  2. /
  3. News Update

लोहरदगा: उर्दू स्कूल की हो रही जांच,  डीसी ने जारी किया आदेश

लोहरदगा (LOHARDAGA): जिले का राजकीय उत्क्रमित उर्दू उच्च विद्यालय विवादों से घिर गया है. इस विद्यालय से 1976 में पढ़ कर निकले धनेश्वर पांडे ने ही स्कूल पर कुछ बड़े आरोप लगाएं हैं. इनका कहना है कि जब वह यहां पढ़ा करते थे, उस समय यह केवल प्राथमिक विद्यालय हुआ करता था. वहीं 1976 में जब उन्हें विद्यालय से सर्टिफिकेट दिए गए थे, तब उसपर उर्दू विद्यालय शब्द का कही जिक्र नहीं था. लेकिन अब विद्यालय का नाम उर्दू विद्यालय हो गया है. जो की एक षड्यंत्र के तहत किया गया है. ऐसे में इनकी मांग है कि इस विद्यालय का संचालन पहले की तरह होना चाहिए.

यह भी पढ़ें:

सरकारी अनुदान से चलता है यह स्कूल, मगर यहां के कायदे पूरी तरह से हैं मिशनरी

सांसद ने दिया जांच का निर्देश

इस उर्दू विद्यालय का विवाद सांसद सुदर्शन भगत तक पहुंचा. तो उन्होंने जिला शिक्षा विभाग को मामले की जांच कराने का निर्देश जारी कर दिया. जिससे यह स्पष्ट हो कि आखिर कब,क्यों और किसके कहने पर इस विद्यालय का नाम उर्दू विद्यालय कर दिया गया. सांसद ने कहा कि ग्रामीणों और अभिभावकों की तरफ से चरहू उर्दू उच्च विद्यालय के संदर्भ में, खासकर उर्दू नाम को लेकर आपत्ति जताई गई है. इनका कहना है कि यह सामान्य विद्यालय था, लेकिन अचानक कैसे यह स्कूल उर्दू उच्च विद्यालय में बदल गया. कहा कि विभाग को मामले की जांच करने को कहा गया है. जब सरकारी स्कूल राज्य सरकार का है, तो यह निश्चित रूप से यह विभाग के संज्ञान में है कि नहीं यह भी सवाल है. आज खासकर इस प्रकार की समस्या पूरे राज्य में है. यह देश और राज्य संविधान के अनुसार चलता है. ऐसे में जिला के अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेने का निर्दश जारी कर दिया गया है. यदि समय पर इसका हल नहीं निकाला गया तो यह पूरे जिले के लिए सरदर्द बन सकता है.

किया जा रहा षडयंत्र

चरहू के ग्रामीण और स्कूल के छात्र रहे पूर्व पंचायत जनप्रतिनिधि धनेश्वर पांडेय ने जिला परिसदन में सांसद को चरहू स्कूल से 31 दिसंबर 1976 में पांचवीं पास करने का अपना सर्टिफिकेट दिखाया. इसमें विद्यालय के नाम के साथ उर्दू शब्द नहीं है. प्राथमिक विद्यालय चरहू लोहरदगा लिखा है. धनेश्वर पांडेय ने कहा कि षडयंत्र के तहत स्कूल के नाम के साथ उर्दू शब्द जोड़ा गया. उन्होंने कई बार इसकी जांच और कार्रवाई करने की मांग पहले भी उठायी है. मामला डीसी वाघमारे प्रसाद कृष्ण तक पहुंचा तो उन्होंने कहा कि पूरे मामले में आवश्यक दिशा निर्देश जारी कर दिया गया है. वहीं अब राजकीय उत्क्रमित उर्दू उच्च विद्यालय चरहु को जिला शिक्षा विभाग ने उर्दू स्कूल का मान्यता दिया है और जिले के 18 उर्दू स्कूलों के लिस्ट में इसे शामिल कर लिया है लेकिन जांच की मांग उठती ही जिला शिक्षा विभाग भी जांच में जुट स्कूल का दस्तावेज खंगाल रही है.

रिपोर्ट: गौतम लेनिन, लोहरदगा

Published at:20 Jul 2022 12:44 PM (IST)
Tags:News
  • YouTube

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.