दुमका(DUMKA): कल दुमका के आउटडोर स्टेडियम में सुभास मुर्मू की अध्यक्षता में हुई विभिन्न आदिवासी संगठनों की बैठक में सर्वसहमति से उपायुक्त तथा आयुक्त संताल परगना को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया था. जिसके आलोक में आज आदिवासी संगठनों द्वारा डीसी को ज्ञापन सौंपा गया. ज्ञापन के माध्यम से कई बिन्दुओं पर डीसी से जांच की मांग की गई है. जिसमें संथाल परगना क्षेत्र के जितने भी गांव में ईसाई धर्म में परिर्वतन कर चुके मंझी (ग्राम प्रधान) या ईसाई मंझी (ग्राम प्रधान) को जल्द से चिन्हित कर उन्हें पद से निरस्त करने की मांग की गई.
जिसू जाहेर का किया विरोध
आदिवासी स्वशासन व्यवस्था या TRIBAL SELF RULE SYSTEM (TSRS) में सुधार हो, जनतंत्र और संविधान लागू संताल परगना में संताल आदिवासीयों को दिग्भ्रमित करने के लिए ईसाई मिशनरियों के द्वारा 'जाहेर' नाम का प्रयोग अपने प्रचारक स्थलों का नामकरण 'जीसू जाहेर' से किया है. ‘जाहेर थान’ या ‘जाहेर स्थल’ प्रकृति पूजक सरना धर्म उपासकों, आदिवासियों का पवित्र स्थल है. हमारे पवित्र स्थल जाहेर को जिसू जाहेर के रूप में स्थापित करना सीधे सीधे हमारी (सरना धर्म) आस्था के साथ खिलवाड़ है. उदाहरण के लिए ‘जीसू जाहेर’ शहर घाटी, अमडा़पाड़ा, पाकूड़ जहां मध्य तथा उच्च विद्यालय के साथ-साथ ईसाई धर्म प्रचार केंद्र भी स्थित है. विदित हो कि दुमका के दुधानी में भी ‘जीसू जाहेर’ नाम से एक ईसाई प्रशासनिक बिल्डिंग का निर्माण किया गया है.
फैल रहे भ्रांति की हो प्रशासनिक जांच
ज्ञापन में लिखा गया है कि संताल परगना में ईसाई धर्मावलंबी द्वारा तरह-तरह से भ्रांतियां फैला कर तथा लोभ- लालच देकर धमांतरण का कार्य आदिवासी क्षेत्रों में बहुत जोर-शोर से किये जा रहें हैं. हाल ही में घासीपुर पंचायत के अंतर्गत ग्राम धमना, सोनोत हंसदा के घर में काठीकुंड प्रखण्ड के अंतर्गत बिछिया पंचायत के ग्राम कुलकांड, सुनीराम किस्कू के घर में, रामगढ़ प्रखण्ड के ग्राम नवाडीह में इन तीनो जगह चमत्कार कहकर ईसाई धर्म के ईस्ट प्रभु जीसू और माता मरियम की प्रतीमा रातों-रात प्रकट होने का दावा किए जा रहा है. ऐसे में ग्रामीणों में भय और अशांति पैदा हो रही है. इससे आदिवासी समाज में भ्रान्ति उत्पन्न हो रही है. इस घटना की प्रशासनिक जांच की जाए. डीसी को ज्ञापन सौपने वालो में कमिश्नर मुर्मू संताल परगना अध्यक्ष ASA, विनोद मुर्मू संताल परगना युवा अध्यक्ष ASA, अमर मरांडी संताल परगना जोनल हेड ASA, अनुपलाल सोरेन, शिवराम मुर्मू और छोटू बेसरा थे.
रिपोर्ट: पंचम झा, दुमका
