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देवघर में बसंत पंचमी पर बाबा बैद्यनाथ के तिलकोत्सव की परंपरा: मिथिलांचल के श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, प्रशासन मुस्तैद

BY -
Samiksha Singh
Samiksha Singh
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 13, 2026, 10:10:02 AM

देवघर(DEOGHAR): बसंत पंचमी का पर्व देश भर में विद्या की देवी माँ सरस्वती की पूजा-अर्चना के रुप में मनाया जाता है लेकिन देवघर के विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ मंदिर में आज का दिन बाबा बैद्यनाथ के तिलकोत्सव के रुप में मनाया जाता है और तिलक का यह रस्म अदा करने मिथिलांचल से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बड़ी-बड़ी कांवर लेकर बाबा धाम पहुँचे है. बाबा का तिलकोत्सव कर एक-दूसरे को बधाई देते हैं और शिवरात्री के अवसर पर शिव विवाह में शामिल होने का संकल्प लेकर वापस लौटते हैं.अपार भीड़ को देखते हुए डीसी विशाल सागर खुद मोनिटरिंग कर रहे हैं. 

मिथिलांचलवासी से पट गया है बाबा मंदिर

आज अहले सुबह से ही बाबा मंदिर में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ जुटी है और यह भीड़ है खास कर मिथिलांचल से बाबा के तिलकोत्सव में शामिल होने आये श्रधालुओं की जो प्रत्येक वर्ष बसंतपंचमी के दिन बाबा का जलाभिषेक करने देवघर आते हैं. विशेष प्रकार के कांवर,वेश-भूषा और भाषा से अलग पहचान रखने वाले ये मिथिलावासी अपने को बाबा का संबंधी मानते हैं और इसी नाते आज के दिन बाबा के तिलकोत्सव में शामिल होने देवघर आते हैं. आज बाबा पर तिलक चढ़ाने के बाद ये सब वापस लौट जायेंगे और आज से ही शिव बारात की तैयारी में लग जायेंगे. कई टोलियों में आये ये मिथिलावासी शहर के कई जगहों पर इकठ्ठा होते हैं और बड़ी श्रद्धा से पूजा-पाठ,पारंपरिक भजन-कीर्तन कर आज के दिन झूमते-गाते बाबा का तिलकोत्सव मनाते हैं खुशियाँ बांटते है और एक-दुसरे को बधाईयाँ देते है. बसंत पंचमी और तिलकोत्सव मनाने के लिए मिथिलांचल वासियों की विशेष कांवर से मंदिर पटा हुआ है.

तीर्थ पुरोहित ने कहा सदियों पुरानी है परंपरा

यहां के तीर्थ-पुरोहितों की मानें तो बसंत पंचमी के अवसर पर मिथिलांचल के लोगों द्वारा देवाधिदेव महादेव को तिलक चढाने की अति प्राचीन परम्परा रही है. कहते हैं कि ऋषियों-मुनियों ने इस परंपरा की शुरुआत की थी जिसे आजतक ये मिथिलावासी निभाते आ रहे हैं.

शिव विवाह की तैयारी हो जाती है शुरु

बसंत पंचमी के अवसर पर सुलतानगंज स्थित उत्तरवाहिनी गंगा से एक विशेष तरह के काँवर में जल भर कर ये श्रद्धालु देवघर पहुंचते हैं और बाबा को हिमालय पुत्री माँ पार्वती के विवाह में जो की 8 मार्च को होगी उसमे शामिल होने का निमंत्रण दे कर वापस अपने घर लौटते है. 

अपार भीड़ को देखते हुए प्रशासन मुस्तैद
जिला प्रशासन ने जो संभावना जताई थी उसी अनुरूप आज बाबा मंदिर में भीड़ उमड़ी है. अहले सुबह से ही खुद उपायुक्त विशाल सागर द्वारा मंदिर से लेकर पूरा रूट लाइन का जायजा लिया जा रहा है. कंट्रोल रूम से सभी का मॉनिटरिंग कर रहे हैं. सुविधा,सुरक्षित और सुलभ जलार्पण के लिए जगह जगह दंडाधिकारी और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है. प्रशासन द्वारा सीसीटीवी और ड्रोन कैमरा से पैनी नज़र रखी जा रही है. उपायुक्त ने कहा कि आज लगभग डेढ़ लाख श्रद्धालुओं द्वारा बाबा का जलार्पण किया जाएगा.

रिपोर्ट: रितुराज सिन्हा 

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