धनबाद(DHANBAD): डीसी अंकल!! थोड़ा प्यार दे दो, शुद्ध हवा का अधिकार दे दो. बचपन करे पुकार, प्रदूषण मुक्त जीवन का दो अधिकार. यह मार्मिक अपील कर सोमवार को बाल दिवस की पूर्व संध्या पर झरिया के बच्चों ने लोगों का ध्यान प्रदूषण की ओर खिंचा. ग्रीन लाइफ ,झरिया एवं यूथ कॉन्सेप्ट के संयुक्त तत्वावधान में झरिया में प्रदूषण के खिलाफ जन जागरण अभियान चलाया जा रहा है. इसी अभियान के तहत आज बाल दिवस की पूर्व संध्या पर बच्चों ने करुण पुकार लोगों तक पहुंचाया. उन्होंने यह भी बताया कि अगर प्रदूषण को नियंत्रित नहीं किया गया तो उनका बचपन छिन जाएगा. अभी से ही वह बीमारी की चपेट में चले जाएंगे, माता-पिता तो प्रदूषण से परेशान है ही, हम लोगों का जीवन भी "बीमार" हो जाएगा. बच्चों के इस पुकार का लोगों पर क्या असर पड़ता है,
"हत्यारिन" हैं बीसीसीएल की आउटसोर्सिंग कंपनियां
अधिकारी कितने सजग और चौकन्ने होते हैं, यह तो आने वाला समय ही बताएगा लेकिन बच्चों ने आज अधिकारियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों का ध्यान झरिया के प्रदूषण की ओर आकृष्ट किया है. ग्रीन लाइफ के संयोजक सह फिजियोथेरेपिस्ट डॉ मनोज सिंह ने कहा कि वायू प्रदूषण के कारण झरिया के बच्चे तनाव में जी रहे है. प्रदूषण बच्चों के मानसिक हालत , स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल रहा है. आगे कहा कि प्रदूषण इतना बढ़ गया है कि अजन्मे बच्चे भी शिकार हो रहे हैं और इनका "हत्यारा" बीसीसीएल की आउटसोर्सिंग कंपनियां है. झरिया के लोग आउटसोर्सिंग के धूल कण से परेशान है. गर्भवती महिलाओं के शरीर मे ऑक्सीजन की कमी हो रही है और प्रभावित हो कर गर्भस्थ शिशु दिव्यांगता के शिकार हो रहे है. यूथ कॉन्सेप्ट के संयोजक अखलाक अहमद ने कहा कि झरिया की हवा दिल्ली से ज्यादा जहरीली हो गई है. बच्चे बीमार हो रहे हैं , छोटे उम्र में बड़ी बीमारियों के शिकार हो रहे है.
बर्बाद हो रही बच्चो की जिंदगी
बच्चों में चिड़चिड़ापन बढ़ गया है , पढ़ाई बाधित हो रही है. वृद्धजनों की स्थिति ज्यादा खराब है , उन्होंने कहा कि अब तो सांसो पर भी संकट आ गया है. झरिया में प्रदूषण के कारण व्यापार प्रभावित हो रहा है. धूल कण के कारण दुकान के समान खराब हो जाते है. कोई खरीदना नही चाहता है. जागरूकता कार्यक्रम में डॉ मनोज सिंह, अखलाक अहमद, मो इक़बाल , मो अश्फाक हुसैन, अज़फर इक़बाल,रूमी खान, अल्फिया, अलमास,आलिया,अरमान, अनाबिया, अहक, तलबीया, तहा, अब्दुल हक़ अर्शी, मोहम्मद, अहमद, माहिरा, तज्जमुल, ऑन, अरहान, रुहान, शिफा, हमज़ा, रीफा, रेयान, हुजैफ़ा आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
