गुमला(GUMLA): गुमला जिला मुख्यालय के सीमावर्ती इलाके के एक गांव में तालाब में डूबने से तीन मासूम बच्चियों की मौत हो गई. घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल बन गया है, वहीं घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन द्वारा मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.
तालाब में नहाने के दौरान हुई मौत
दरअसल गुमला सदर थाना क्षेत्र के अश्वनी गांव में आज एक काफी दर्दनाक घटना घटी. जिसमें तीन मासूम बच्चियों की जान चली गई यह तीनों मासूम बच्चियां गांव के तालाब में स्नान करने के लिए गई थी उसी दौरान इनका पैर फिसल गया और तीनों नीचे जाकर डूब गई आसपास के लोगों ने इस घटना को देखकर जब अन्य लोगों को बुलाया और बच्चियों को ढूंढने की कोशिश की गई तो तीनों बच्चियों की लाश तलाब से बरामद की गई है. घटना के पुलिस को सूचना दी गई, सूचना मिलते ही पुलिस द्वारा तीनों को सदर अस्पताल लाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया है.
मृतक बच्चियों के परिजनों ने बताया कि गांव के ही तालाब में स्नान करने के लिए तीनों बच्चियां गई थी उसी दौरान पानी में डूबने के कारण इनकी मौत हो गई.मृतक बच्चियों में एक कि उम्र 12 जबकि दो अन्य नव नव साल की है जिनका नाम मोनिका,अणिमा व सरोज कुमारी है.
इलाके में शोक की लहर
घटना की सूचना मिलते ही इलाके के जनप्रतिनिधियों में भी शोक का माहौल देखने को मिल रहा है. इलाके की मुखिया ने बताया कि हाल के दिनों में ही तालाब का सौंदर्यीकरण किया गया था उसी तालाब में यह तीनों बच्चियां नहाने के लिए गई थी. जहां उनकी मौत हो गई वही गांव के पंचायत समिति सदस्य ने बताया कि तालाब में पानी अधिक होने के कारण यह घटना घटी है. उन्होंने कहा कि इलाके में जो भी बड़े तालाब हैं उन सभी तालाबों की चारदीवारी होनी चाहिए ताकि आने वाले दिनों में ऐसी घटना ना घटे.
तालाब का चारदीवारी करने की हो रही मांग
गुमला जिला मुख्यालय ने कहा की यह कोई पहली घटना नहीं है जहां तालाब में डूबने के कारण बच्चों की मौत हुई है. घटना के बाद लोगों द्वारा भी तलाव की चारदीवारी की मांग की जाती है साथ ही साथ प्रशासन भी इस बात का एहसास करता है लेकिन घटना के बीत जाने के बाद किसी को इस बात का अनुमान नहीं होता है कि आने वाले दिनों में ऐसी घटना दोबारा घट सकती है ऐसे में प्रशासन को चाहिए कि अधिक गड्ढों वाले तलाव को चिन्हित कर उनकी चारदीवारी कर दे ताकि इस तरह की घटना दोबारा ना कर सके.
रिपोर्ट. सुशील कुमार