धनबाद (DHANBAD) : झारखंड मुक्ति मोर्चा का स्थापना दिवस दुमका में मन गया. अब 4 फरवरी को धनबाद में बारी है. धनबाद में 4 फरवरी के आयोजन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में है. इस बार पार्टी ने स्थापना दिवस को ऐतिहासिक बनाने का निर्णय लिया है. इस बार का स्थापना दिवस कई मायनों में पहले से अलग होगा. इस बार धनबाद जिला झारखंड मुक्ति मोर्चा की जिला कमेटी नहीं है. संयोजक मंडली के नेतृत्व में आयोजन हो रहा है. इसके साथ ही झारखंड मुक्ति मोर्चा के स्थापना काल से लेकर अब तक पहली बार यह कार्यक्रम धनबाद में दिन में होगा. पहले यह कार्यक्रम देर शाम को शुरू होता था और रात गए गुरु जी के भाषण के साथ कार्यक्रम संपन्न हो जाता था. लेकिन इस बार इस में कुछ परिवर्तन किए गए हैं. अब कार्यक्रम दिन के 12 बजे शुरू होगा. इस कार्यक्रम में गुरुजी के अलावे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन हवाई मार्ग से धनबाद पहुंचेंगे. शाम लगभग 4 बजे कार्यक्रम समाप्त होने के बाद रांची चले जाएंगे.
स्थापना दिवस के बहाने पार्टी आधार बढ़ाने की कोशिश
इतना ही नहीं, इसके पहले के कार्यक्रम में गुरुजी दुमका से धनबाद पहुंचते थे लेकिन इस बार रांची से धनबाद आएंगे. झारखंड मुक्ति मोर्चा की स्थापना 4 फरवरी 1973 को धनबाद में शिबू सोरेन दिवंगत नेता बिनोद बिहारी महतो और पूर्व सांसद एके राय ने मिलकर की थी. बाद में पूर्व सांसद एके राय की राह अलग हो गई. विनोद बाबू भी अब इस दुनिया में नहीं रहे. पहले झारखंड मुक्ति मोर्चा का ग्रामीण क्षेत्रों में जनाधार था. धनबाद का टुंडी मुख्य केंद्र हुआ करता था. यहीं से गुरु जी ने महाजनी प्रथा के खिलाफ अभियान चलाया था. कालांतर में पार्टी ने दूसरे क्षेत्रों में भी अपनी पकड़ बनाई. अब शहरी क्षेत्र में भी आधार बड़ने लगा है. हालांकि धनबाद के छह विधानसभा सीट में अभी सिर्फ झारखंड मुक्ति मोर्चा के पास एक ही है. स्थापना दिवस के बहाने पार्टी आधार बढ़ाने की लगातार कोशिश कर रही है. झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिला कमेटी कई सालों से विवाद के बाद पार्टी नेतृत्व ने जिला कमेटी को भंग कर दिया है और संयोजक मंडली बनाई है. जिले में अभी संयोजक मंडली ही काम कर रही है. देखना होगा कि 4 फरवरी के स्थापना दिवस में क्या-क्या प्रस्ताव पारित होते हैं.
रिपोर्ट : सत्यभूषण सिंह, धनबाद
