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बदहाली के कगार पर आ गया दुमका का यह पिकनिक स्पॉट, बच्चों की गूंज की जगह अब यहां पसरा रहता है सन्नाटा

बदहाली के कगार पर आ गया दुमका का यह पिकनिक स्पॉट, बच्चों की गूंज की जगह अब यहां पसरा रहता है सन्नाटा

दुमका (DUMKA) : नव वर्ष के आगमन में महज कुछ दिन ही शेष बचा है. लोग नए साल के मौके पर परिवार के साथ पिकनिक मनाने की योजना बनाने में लगे हुए हैं. लोग ऐसे जगह की तलाश में है जहां शांति और सुकून के साथ पारिवारिक माहौल में नव वर्ष का आनंद ले सकें. लेकिन दुमका में ऐसे जगह कम है और जो है भी वो अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है. हम बात कर रहे है झारखंड की उपराजधानी दुमका की. वैसे तो दुमका में मसानजोर, बास्कीचक, तातलोई सहित कई पिकनिक स्पॉट है. लेकिन इन जगहों पर अत्यधिक भीड़ उमड़ने के कारण अव्यवस्था का माहौल बन जाता है. प्रमुख स्थल मसानजोर डैम पर बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल के साथ-साथ कई प्रान्तों के पर्यटक के पहुंचने के कारण ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है और जाम में फसने पर लोगों का नए साल का उत्साह फीका पड़ जाता है.

श्रुष्टि पार्क की स्थिति देख हैरान रह जाएंगे आप

ऐसी स्थिति में शहर से महज 5 किलोमीटर दूर प्रकृति की गोद मे बसे कुरुवा का श्रुष्टि पार्क स्थानीय लोगों की पहली पसंद हुआ करता था. जहां लोग परिवार के साथ घूमने या पिकनिक मनाने जाते थे. संयुक्त बिहार में 30 नवंबर 1994 को कुरुवा पहाड़ को सृष्टि पार्क के रूप में सुसज्जित कर उद्घाटन किया गया. अलग राज्य बनने के बाद 2006 में इसके जीर्णोद्धार के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए. पार्क में पिकनिक मनाने से लेकर बच्चों के मनोरंजन के लिए तमाम तरह की सुविधा उपलब्ध कराई गई. बोटिंग से लेकर बच्चों के लिए टॉय ट्रेन के साथ तमाम तरह के झूले लगाए गए. सेल्फी प्वाइंट के साथ-साथ सन सेट व्यूप्वाइंट बनाया गया. पहाड़ के सबसे ऊपर बूट हाउस का निर्माण किया गया. पहाड़ पर जगह-जगह जंगली जानवरों के प्रतिरूप बनाए गए. 2 वर्ष पूर्व तक यह पार्क सालों भर गुलजार रहा करता था. ओकेजन विशेष पर इसकी महत्ता और बढ़ जाती थी. शहर से सटे होने के कारण रविवार को लोग अपने बच्चों के साथ यहां पहुंचते थे. लेकिन देखरेख के अभाव में आज यह बदहाल हो गया है. या यूं कहें पूरी तरह से बंद हो गया है. वोट तालाब में सड़ रहा है. सभी झूले टूट चुके हैं. टॉय ट्रेन बेपटरी हो चुकी है. जंगली जानवरों के प्रतिरूप छिन्न-भिन्न हो चुके हैं. सबसे बड़ी बात आज यह स्थल असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया है.

पार्क को व्यवस्थित करने की ज़रूरत

बरसों से पार्क के नाम पर पानी की तरह रुपैया बहाने के बावजूद आज दुमका वासियों के सामने यह गंभीर समस्या है कि नववर्ष के मौके लोग अपने परिवार और बच्चों के साथ कहां जाए. क्योंकि जिला मुख्यालय का इकलौता नेहरु पार्क कोरोना काल से ही बंद पड़ा हुआ है. इस स्थिति में सरकार और प्रशासन को चाहिए कि जिला मुख्यालय से सटे सृष्टि पार्क को व्यवस्थित करें, ताकि 2023 का नव वर्ष न सही, 24 के नव वर्ष के मौके पर लोगों को स्थल चैन के लिए सोचना ना पड़े.

रिपोर्ट: पंचम झा, दुमका 

Published at:27 Dec 2022 05:22 PM (IST)
Tags:This picnic spot of Dumka has come on the brink of miseryjharkhand latest newsdumka newsthe news post
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