धनबाद(DHANBAD): धनबाद कोयलांचल में कोई भी और कहीं का भी बाहुबली नजर उठाने की हिम्मत नहीं करता था. लेकिन यह समय 1991 के पहले का था. उस समय सूर्यदेव सिंह जीवित थे और उनके रहते, भले ही धनबाद में माफिया आपस में गोलीबारी और कत्ल करते और कराते थे, लेकिन बाहर के बाहुबलियों की साहस नहीं होती थी कि वह धनबाद में प्रवेश करें। लेकिन उनके निधन के बाद समय बदला और बिहार के बाहुबलियों से लेकर उत्तर प्रदेश के बाहुबलियों की नजर धनबाद पर पड़ी. वह यहां के कोयले के कारोबार में अप्रत्यक्ष साझेदार बनने लगे.
"यूथ विंग" के लिया पहले की एक भूल क्यों बन गई है परेशानी
इसका श्रेय भी यहां के कोयला कारोबारियों को ही जाता है. अपनी धाक मजबूत करने के लिए वह खुद बाहुबलियों की शरण में गए और उसके बाद एक दूसरे तरह की कहानी शुरू हो गई. सूर्यदेव सिंह के निधन के बाद बिहार के कई बाहुबली धनबाद जेल में बंद हुए, कई रिमांड पर लिए गए, धीरे-धीरे उनका वर्चस्व कायम हो गया और रंगदारी और फिरौती की भी घटनाएं धनबाद में हुई. झारखंड बनने के साथ ही धनबाद में एक बड़ा अपहरण कांड हुआ था. अब तो छोटे-छोटे गैंग बनाकर अपराधी कोयलांचल के लोगों को धमका रहे हैं.
धनबाद अचंभित और आश्चर्यचकित है इस घटना पर
धनबाद के बहुचर्चित सिंह मेंशन में रविवार की देर रात को बम पटके जाने की घटना ने धनबाद को अचंभित और आश्चर्यचकित कर दिया है. एक समय था, जब सिंह मेंशन की तरफ आंख उठा कर देखने की किसी की साहस नहीं होती थी. लेकिन रविवार की रात बम फेंकें गए. दो बाइक सवार फुटेज में दिख भी रहे है. यह तो संयोग अच्छा था कि जिस जगह पर बम फटा, उस जगह पर उस समय कोई मौजूद नहीं था. तो क्या बम चलाने वाले सब कुछ जान समझ कर यह सब किया है? या धनबाद में कोई नया गैंग सर उठाने की कोशिश कर रहा है? यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि सिंह मेंशन में बमबाजी करने के बाद आखिर अमन सिंह के नाम की चर्चा फिर क्यों छिड़ गई है? अमन सिंह का धनबाद में आतंक रहा है. धनबाद जेल में उसकी हत्या हुई थी. अगर सचमुच कोई नया गैंग फिर उठा रहा है तो धनबाद पुलिस के लिए भी यह एक बड़ी चुनौती है. हालांकि बम पटकने की घटना से कोयलांचल में हलचल जरूर है. पुलिस भी जांच में जुट गई है.
बताया गया -मात्रा पन्द्र ह सेकेंड में गेट पर पहुंच गए थे सुरक्षा कर्मी
बमबाजी की घटना के बाद सोमवार को विधायक रागिनी सिंह और पूर्व विधायक संजीव सिंह मीडिया के सामने आए और उन्होंने कहा कि घटना के 15 सेकंड के बाद ही सुरक्षा कर्मी सिंह मेंशन के गेट तक पहुंच गए थे और वह तब तक रहे, जब तक पुलिस नहीं पहुंची। मतलब उनका कहना साफ था कि इस घटना से सिंह मेंशन न डरने वाला है और ना झुकने वाला। विधायक रागिनी सिंह ने कहा था कि इस घटना से ना हम डरने वाले हैं और ना भागने वाले हैं. प्रशासन को इस मामले में गंभीरता से जांच करनी चाहिए और जो भी इसके लिए दोषी हो, उनको बीच बाजार में ऐसी सजा मिलनी चाहिए कि दोबारा ऐसी घटना करने की साहस नहीं कर सके. विधायक ने कहा कि घटना के तुरंत बाद इसकी जानकारी एसएसपी को दी गई और पुलिस की पूरी टीम पहुंची और मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है. उन्होंने बताया कि जिस जगह पर वह बैठक करती थी , बम वही फेंका गया है.
यह तो संयोग अच्छा था ,नहीं तो बड़ी घटना हो सकती थी
संयोग की बात है की घटना के कुछ ही देर पहले वह लोग उठकर पोर्टिको में गए थे और उसके बाद घटना हुई. इसी मामले में पूर्व विधायक संजीव सिंह ने कहा कि घटना के तुरंत बाद पहले तो एसएसपी साहब को सूचना दी गई और लगभग 15 सेकंड के बाद घर के कुछ लोग और विधायक को मिले सिक्योरिटी वाले गेट पर निकल गए और तब तक वह गेट पर रहे, जब तक पुलिस की टीम नहीं पहुंची। उन्होंने स्पष्ट किया कि निकाय चुनाव से इसे जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। संजीव सिंह ने कहा कि पुलिस जो भी जानना चाहती थी, जानकारी दे दी गई है. उसे संबंध में हम अभी कुछ नहीं बता सकते। पुलिस के अधिकारी जो भी जानना चाहते थे, सारा कुछ उन्हें बता दिया गया है. जांच अधिकारियों का अपना दृष्टिकोण होता है और वह जांच में लगे हुए हैं.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
