☰
✕
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • TNP Special Stories
  • Health Post
  • Foodly Post
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Art & Culture
  • Know Your MLA
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • Local News
  • Tour & Travel
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • Special Stories
  • LS Election 2024
  • covid -19
  • TNP Explainer
  • Blogs
  • Trending
  • Education & Job
  • News Update
  • Special Story
  • Religion
  • YouTube
  1. Home
  2. /
  3. News Update

जीवन नाम की इस संस्था में बच्चों को मिलती है मौ'त, जानिये बाल कल्याण समिति ने क्या लिया एक्शन

जीवन नाम की इस संस्था में बच्चों को मिलती है मौ'त, जानिये बाल कल्याण समिति ने क्या लिया एक्शन

धनबाद(DHANBAD): यह कहानी है एक जीवन नामक संस्था की, जहां पर मंदबुद्धि बच्चों को सहारा दिया जाता है. नई दिशा दी जाती है. लेकिन इस संस्था के कारनामें जानेंगे आप तो हैरान रह जाएंगे। मामला झरिया का है. वास्ताकोल में यह संस्था है, जो मंदबुद्धि, मूक बधिर बच्चों के इलाज और शिक्षा देने के लिए है. लेकिन यहीं रह रहे एक 17 वर्षीय गौरी कुमारी नामक दिव्यांग बच्ची की शुक्रवार 15 जुलाई को रहस्मय मौत हो गई. उसके मुंह और नाक से खून निकल रहा था. इस पर बाल कल्याण समिति ने जीवन के संस्थापक एके सिंह से पूरी रिपोर्ट मांगी है. बाल कल्याण समिति को अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार हैं. वही शनिवार 16 जुलाई को एक बच्चे को बेरहमी से पिटाई करने और गर्म आयरन से जलाने का भी मामला सामने आया है. 

यह भी पढ़ें:

गलती पर बच्चे को फटकारना पड़ा शिक्षक को महंगा, अभिभावकों ने ली क्लास, मामला पहुंचा थाने

क्या है मामला

घायल बच्चे का नाम बादल पाठक है. जो आसनसोल का रहने वाला है. मामले का पता तब चला जब बादल के पिता बिपिन पाठक अपने बेटे को देखने जीवन संस्था पहुंचे. तब बेटे ने रो-रो कर अपने पिता को बताया. बादल के शरीर पर करीब पचास डंडे का चोट उभरा हुआ था. साथ ही कान के समीप और पैर में जले होने का निशान है. बादल ने अपनी तोतली आवाज से और संकेत से पूरी घटना बतायी. बिपिन पाठक ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उनके बेटे को बेरहमी से जीवन के एके सिंह और उसके भाई और बेटी ने रूम में बंदकर पीटा है, जिससे बच्चे को कई गंभीर चोट आई है. अब हम बच्चे को यहां नही रखेंगे और वे अपने बच्चे को ले जाएं.

मार के डर से भाग निकलते हैं छात्र

जीवन संस्था में इससे पहले भी बच्चे का मार के डर से भाग जाने का मामला सामने आ चुका है. जीवन संस्था के प्रिंसिपल एके सिंह का बच्चे की मौत मामले में कहना है कि उसका ब्रेन हेमरेज के कारण मौत हुई है. एनएमएमसीएच अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई. वही दूसरे बच्चे की पिटाई के मामले में कहा कि ऐसे बच्चों को ट्रीटमेंट के लिए पीटा जाता है रूम में बंद कर पिटाई की बात भी कबूले हैं.

मामले की शिकायत

पूरे मामले को लेकर धनबाद समाज कल्याण पदाधिकारी स्नेहा कश्यप ने कहा कि मामले की शिकायत हम तक नहीं आई है. शिकायत मिलने पर जांच पड़ताल कर कार्यवाई की जाएगी. लेकिन सवाल उठता है कि परिजन मंदबुद्धि बच्चे, दिव्यांग बच्चे, या मूक बधिर बच्चे को ऐसी संस्था में इसलिए भेजते हैं ताकि वह पहले से बेहतर हो और उसमें समझ बड़े अपने पैर पर खड़ा हो सके. लेकिन इस थर्ड डिग्री ट्रीटमेंट से संस्था के कार्यशैली पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं.

रिपोर्ट: शांभवी, धनबाद

 

 

 

 

 

 

 

 

Published at:19 Jul 2022 06:01 PM (IST)
Tags:News
  • YouTube

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.