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दिल्ली में हुई एनजेसीएस की बैठक में नहीं निकला समाधान, सेल कर्मियों में नाराजगी      

BY -
Shreya Gupta
Shreya Gupta
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 17, 2026, 12:58:32 AM

चाईबासा (CHAIBASA): दिल्ली में 19 जुलाई को सेलकर्मियों की समस्याओं के समाधान के लिए एनजेसीएस की बैठक हुई. लेकिन बैठक में उनकी समस्याओं का कोई नतीजा नहीं निकला. इससे सेलकर्मियों में भारी नाराजगी है. इस संबंध में झारखंड मजदूर संघर्ष संघ, किरीबुरु इकाई के महामंत्री राजेन्द्र सिंधिया ने कहा कि उक्त बैठक में कोई भी चर्चा समाधान पूर्ण नहीं रहा. सिर्फ खानापूर्ति की गई. किसी मुद्दें पर सहमति नहीं बनी. एरियर, रात्रि पाली भत्ता, दासा, एचआरए समेत अन्य ज्वलंत पूर्ण मुद्दें ज्यों के त्यों रहे. अगर कुछ फैसला करना ही नहीं था तो बैठक का आयोजन क्यों किया गया. इतने पैसों की बर्बादी क्यों कि जा रही है.

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डेट पर डेट

सेलकर्मियों की माने तो प्रबंधन ने उनसे कंपनी को नुक्सान होने की बात कही है. जिसके कारण उनके पैसों का भुगतान नहीं किया जा रहा है. सारे फैसले अब कमेटी में होगें. लेकिन जब कमेटी बैठती है तो कोई फैसला हुए बिना बेनतीजन समाप्त हो जाती है. ऐसे में फिर एक और डेट मिल जाता है. कब तक ऐसा चलता रहेगा. बैठक ऐसा हो जो नतीजे तक जाए, चाहे एक दिन का हो या चार दिन का, समाधान कर के उठे. स्टील सेक्टर में सिर्फ सेल को छोड़ सभी का वेज संशोधन हो गया है. इस पर सहमति बने नौ माह हो गए, फिर भी अब तक पूर्ण सहमति नहीं बन पाई है. यह एनजेसीएस बैठक पर सवालिया निशान पैदा करता है. अब एनजेसीएस कमिटी पर कर्मचारियों का भरोसा टूटता जा रहा है. बैठक में भी सिर्फ संयंत्रों के कर्मचारियों ने भाग लिया, खदानों से किसी को नहीं बुलाया गया. जबकि पांचों घटक दलों के श्रमिक संगठन खदानों में हैं. लेकिन न तो घटक दलों की नजर खदानों के श्रमिक संगठनों पर है न ही सेल प्रबंधन को इससे कोई मतलब है. खदान के श्रमिक संगठनें मूक दर्शक बने हुए हैं. बुधवार को हुई बैठक में भी बिना नतीजे के पांचों घटक दल वापस लौटे हैं. एनजेसीएस से ऑफिसर्स एसोसिएशन मांग करे तो सब मील जाता है लेकिन मजदूर मांग करे तो खाली हाथ लौटना पड़ता है. अब तो एनजेसीएस के मजदूर प्रतिनिधि यूनियन सदस्यों को भी समझना पड़ेगा उनकी अहमियत कर्मचारियों में क्या है.

रिपोर्ट: संदीप गुप्ता, चाईबासा

Tags:News

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