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फिर रिम्स में क्यों मचा हंगामा, राज्य के सबसे बड़े गौरवान्वित और विवादित अस्पताल की पूरी जानकारी पढ़े विस्तार से

BY -
Samir Hussain
Samir Hussain
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 15, 2026, 9:09:33 PM

रांची(RANCHI): रांची का रिम्स अस्पताल राज्य का सबसे बड़ा अस्पताल है. जिसमें एक से बढ़कर एक डॉक्टर हैं. जिन्होंने अपने क्षेत्र में महारत हासिल की है. इनके काबिलियत का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि दिल्ली के एम्स जैसे अस्पताल के डॉक्टर भी मुश्किल समय में रिम्स के डॉक्टरों से परामर्श लेते हैं. जिसकी वजह से झारखंड के अलग-अलग जिलों से लोग इलाज कराने के लिए यहां पहुंचते हैं. राज्य के सबसे बड़े अस्पताल का गौरव प्राप्त होने के बावजूद इसकी समय-समय पर आलोचना की खबर सुनने को मिलती है. आये दिन झारखंड के लोग इसके मैनेजमेंट पर सवाल उठाते हैं. कभी लोग का सही इलाज नहीं करने का तो कभी बेड की असुविधा की शिकायत करते हैं.

कई घंटों सर्वर डाउन से लोगों को हुई असुविधा

आपको बताये कि 24 अप्रैल सोमवार को रिम्स अस्पताल में कई घंटों सर्वर डाउन रहा. जिसकी वजह से झारखंड के दूर-दराज के जिलों से आये मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. सुबह के साढ़े 10 बजे से लेकर दोपहर के ढ़ाई बजे तक सर्वर डाउन रहने से स्वास्थ्य से जुड़े परामर्श लेने आये लोगों को घंटों लाइन में लगना पड़ा. ऑनलाइन ओपीडी पर्ची भी लोगों को नहीं मिल पायी. लगभग तीन सौ मरीजों को खाली हाथ ही घर लौटना पड़ा. जिसके बाद मैनुअल पर्ची लोगों के लिए जारी किया गया.

घंटों लाइन में लगने से लोगों को हुई परेशानी

लाइन में लोग घंटों खड़े रहे. इस दौरान आपस में लोगों की बहस भी हुई. जिसको सुरक्षा गार्डों ने बीच-बचाव कर शांत कराया. सर्वर डाउन रहने से सबसे ज्यादा परेशानी अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, एक्स रे और एमआरआई की जांच कराने आये मरीजों को उठानी पड़ी. जिसके लंबे इंतजार के बाद कुछ लोग रुके तो वहीं दूर से आये लोग बिना जांच कराये ही घर लौट गये.

मरीज आये दिन करते हैं शिकायत

आपको बता दें कि रिम्स की व्यवस्था पर सवाल उठना कोई नई बात नहीं है. आये दिन झारखंड के अलग-अलग जिलों से आये मरीज और उनके परिजन रिम्स अस्पताल पर इलाज में लापरवाही बरतने, दवाई की कमी, बेड की कमी, सफाई की कमी के साथ कई तरह की शिकायत करते है. लेकिन रिम्स प्रबंधन पर इसका कोई असर नहीं पड़ता है. आये दिन डॉक्टर पर ईलाज नहीं करने और अनदेखी का आरोप मरीज लगाते हैं. रोते हैं बिलखते हैं लेकिन उनकी शिकायत कभी सुनी जाती है, तो कभी अनदेखी की जाती है.

पूर्व राज्यपाल ने भी रिम्स व्यवस्था पर उठाया था सवाल

आपको बताये कि आम लोगों के साथ झारखंड के पूर्व राज्यपाल रमेश बैस ने भी सूबे के शिक्षा मंत्री को रिम्स अस्पताल में हो रही लापरवाही से अवगत करवाया था. राज्यपाल ने बन्ना गुप्ता को कहा था कि रिम्स को लेकर अक्सर शिकायतें उनके पास आती है. डॉक्टर अस्पताल से नदारद रहते हैं. झारखंड हाई कोर्ट ने भी कई बार रिम्स की व्यवस्था पर ध्यान देने और सुधरने की चेतावनी दी है. लेकिन फिर भी कोई सुधार देखने को नहीं मिला. जब जनता को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है. तो कमियों को दूर कर व्यवस्था को सुधारिये.

 रिम्स के डॉक्टरों ने किये हैं कई कीर्तिमान  हासिल

ऐसा नहीं है कि रिम्स पर सिर्फ लापरवाही और अनदेखी के आरोप ही लगते है. रिम्स अस्पताल के पास एक से बढ़कर अच्छे डॉक्टर भी हैं. जिन्होने कई कीर्तिमान  भी हासिल किया है. और समय आने पर अपने महारत से लोगों को अपनी तारीफ करने पर मजबूर किया है. कई बार रिम्स ने झारखंड के लोगों को गौरवान्वित महसूस कराया हैं

रिम्स के डॉक्टरों ने पहली बार किया था नई विधि से डायलिसिस

रिम्स के डॉक्टरों ने नई विधि से डायलिसिस करके एक महिला की जान बचाई थी. रिम्स के अनुसार इसको आज तक मेडिकल साइंस के क्षेत्र में किसी ने कभी नहीं किया है.

जटिल बीमारी से ग्रसित महिला की बचाई थी जान

आपको बताये कि दिल में छेद होने की वजह से महिला किसी जटिल बीमारी से ग्रसित थी. उसके दोनों किडनी भी खराब थी. काम नहीं कर रही थी. सामान्य तरीके से डायलिसिस करने में परेशानी हो रही थी. महिला की स्थिति बहुत नाजुक थी.जिसको देखते हुए रिम्स अस्पताल के यूरोलाजी विभाग के एचओडी डॉ अरशद जमाल ने डायलिसिस का तरीका ही बदल दिया.

रिम्स के डॉक्टरों की हुई थी जमकर तारीफ

महिला के पेट में चार दिन तक केथरेक्ट लगाकर डायलिसिस सफल तरीके से किया गया. इसमे नई बात ये है कि केथरेक्ट को हमेशा प्रयोग में लाया जा सकता है. सफल डायलिसिस को सीएपीडी इंसर्शन सिस्टोस्कॉपी गाइडेंस के साथ किया गया. जिससे महिला की जान बचाई जा सकी.इसके बाद देश भर में रिम्स अस्पताल और यहां के डॉक्टरों की जमकर तारीफ हुई.

रिपोर्ट: प्रियंका कुमारी 

Tags:Then why there was ruckus in RIMSread the complete information about the biggest proud and controversial hospital of the state in detail.

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