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झारखंडी बेरोजगार युवाओं का डिजिटल आंदोलन शुरू, एक घंटे में ही ट्वीट करने लगा ट्रेंड

BY -
Ranjana Kumari
Ranjana Kumari
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 17, 2026, 12:25:29 AM

रांची (RANCHI): झारखंड में JPSC और JSSC में उम्र सीमा में छूट को लेकर झारखंडी बेरोजगार युवा ट्विटर पर कैंपेन चला रहे हैं. कैंपेन शनिवार सुबह 11 बजे से ही शुरु हो चुका है. करीब एक घंटे में ही ट्विटर पर 20वें स्थान पर ट्रेंड कर रहा है. लाखों छात्रों के द्वारा रीट्विट कराकर ट्विटर पर  कैंपेन के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया में पांच साल की छूट की मांग की जा रही है. 

जेपीएससी और जेएसएससी के माध्यम से पांच वर्षों में नहीं हुई है नियुक्ति 

दरअसल, झारखंड में साल 2018 से ही JPSC और JSSC द्वारा कोई नियुक्ति नहीं हो पाई है. वहीं, एक दो परीक्षा भी हुआ तो किसी कारणवश रद्द हो गया या अधर में लटकी हुई है. इस वजह से विभाग के लगभग पांच लाख पद भी रिक्त पड़े हुए हैं. वहीं, कर्मचारी के आभाव में सरकारी काम भी ठप पड़ा हुआ है और राज्य का विकास बाधित हो रहा है. बता दें कि सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में सिर्फ नेता ही आपके द्वार पहुंच रहे हैं, कर्मचारी नदारद हैं वह इसलिए कि कार्यरत कर्मचारी भी पिछले 45 दिनों से आंदोलनरत हैं.

खत्म होने वाला हेमंत सरकार का नियुक्ति वर्ष

वहीं, दूसरी ओर पिछले पांच वर्षों से परीक्षा नहीं होने के कारण झारखंड के युवाओं की उम्र और नौकरी की उम्मीद दोनों खत्म हो गई है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जो पांच लाख नौकरी, जेपीएससी में सुधार का वादा कर हेमंत सोरेन ने सरकार बनाई थी, लेकिन तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी इस पर सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया. युवा हताश परेशान होकर सरकारी नौकरी की आस में पढ़ाई के साथ साथ अपनी हक की आवाज़ आंदोलन के माध्यम से भी करते रहते हैं. युवाओं का कहना है कि  हेमंत सरकार का नियुक्ति वर्ष 2021 के बाद 2022 भी खत्म होने वाला है.

1932 खतियान राजनीति से प्रेरित

सरकार तीन साल में एक ठोस स्थानीय-नियोजन नीति नहीं बना सकी जो भी नियमावली बनाई अदालत चली गई. लगभग एक साल खतियान आंदोलन के बाद आनन-फानन में 1सितंबर को 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति की प्रारुप कैबिनेट में लाई गई. उसमें भी नौवी अनुसूचि की पैंच फसा दी और लागू हो गया की ढिंढोरा पीटने लगे. ऐसे में यह कहना कुछ गलत नहीं होगा कि हेमंत सरकार का हर फैसला राजनीति से प्रेरित दिखता है. झारखंड की युवा मांग करती है कि सरकार स्थानीय-नियोजन बनाए और उम्र में पांच साल की छूट देते हुए सभी रिक्त पदों को तुरंत भरा जाए.

ट्विटर कैंपेन में सभी का सहयोग

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की आगामी होने वाली परीक्षा में 5 साल की छूट के लिए झारखंडी बेरोजगार युवा ट्वीट कर डिजिटल आंदोलन कर रहे हैं और सभी इस आंदोलन के माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं. छात्र नेताओं के द्वारा राज्य भर के सभी युवा जो परीक्षार्थी है उनसे ट्वीट करने की अपील की गई थी. इसमें मुख्य तौर पर सभी शिक्षक संस्थान में शिक्षकों का भी काफी सहयोग छात्रों को मिल रहा है. अभ्यर्थियों के द्वारा कई शहरों में धरना प्रदर्शन के साथ नारेबाजी भी की जा रही है.

Tags:Berojgar jharkhandi yuva twitter trendingjharkhandi unemployed youth

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