जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): राज्य का पहला हाथी रेस्क्यू सेंटर सोमवार को खुल गया. प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजीव कुमार ने इसका उद्घाटन किया. यहां घायल और बीमार हाथियों को बेहतर और समय पर इलाज मिल सकेगा. दलमा की तराई में डिमना लेक के पास कुटिमहुली में राज्य का पहला एलीफेंट केयर सेंटर बनकर तैयार किया गया है. यह करीब 7 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है. करीब एक करोड़ की लगत से बना यह सेंटर आधुनिक सुविधाओं से लैस है. यहां हाथियों के इलाज, देखभाल और पुनर्वास की समुचित व्यवस्था की गई है. सेंटर को हाथियों के प्राकृतिक आवास के अनुरूप विकसित किया गया है. इस पहल का उद्देश्य न केवल घायल हाथियों को सुरक्षित जीवन देना है, बल्कि मानव-हाथी संघर्ष को भी कम करना है. उदघाटन के दौरान प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वाइल्ड लाइफ) रवि रंजन, मुख्य वन संरक्षक (वाइल्ड लाइफ) एसआर नटेश, आरसीसीएफ स्मिता पंकज, दलमा डीएफओ सबा आलम अंसारी आदि मौजूद रहे.
पश्चिमी सिंहभूम में 2 रेस्क्यू सेंटर बनेंगे
उदघाटन के दौरान प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वाइल्ड लाइफ) रवि रंजन ने कहा कि यह राज्य के पहला हाथी रेस्क्यू सेंटर है. यहां हाथियों के इलाज के लिए सभी सुविधाए रहेंगी. विशेष डॉक्टर के अलावा प्रशिक्षित महावत भी यहां तैनात रहेंगे. अभी राज्य में और भी कई रेस्क्यू सेंटर बनाए जाएंगे. पश्चिमी सिंहभूम में फिलहाल 2 रेस्क्यू सेंटर बनाने का निर्णय लिया गया है
बाहरी टीम पर निर्भरता घटेगी
झारखंड में अब तक घायल हाथियों के उपचार और रेस्क्यू के लिए वन विभाग को बाहरी विशेषज्ञों की मदद लेनी पड़ती थी. कई मामलों में दूर-दराज से टीम बुलाने के कारण इलाज में देरी हो जाती थी, जिसका खामियाजा हाथियों को जान गंवाकर चुकाना पड़ता था. हाल के समय में सारंडा और चांडिल क्षेत्रों में ऐसे दुखद उदाहरण सामने आए हैं. इस स्थिति को देखते हुए राज्य में अपने एलीफेंट केयर सेंटर विकसित किए जा रहे हैं, जिससे समय पर इलाज और त्वरित रेस्क्यू संभव हो सके.