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राज्य भले ही अलग हो गया लेकिन झारखंड की "आत्मा" अभी भी कैसे बिहार में ही बसती है,पढ़िए इस रिपोर्ट में

BY -
Samiksha Singh
Samiksha Singh
Copy Editor • TheNewsPost.in
Published: July 5, 2024,
Updated: 10:13 AM

TNP DESK: बड़ा भाई आगे आगे तो छोटा भाई पीछे पीछे.बड़े भाई बिहार में जो हुआ था, वह छोटे भाई झारखंड में भी हुआ. अंतर सिर्फ इतना ही रहा कि 2015 में नीतीश कुमार को जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री पद से हटाने में कड़ी मिहनत करनी पड़ी, राजनीतिक चाल चलानी पड़ी, लेकिन झारखंड में ऐसा कुछ नहीं हुआ. हेमंत सोरेन को मुख्यमंत्री बनने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई. यह अलग बात है कि चंपई सोरेन और हेमंत सोरेन में क्या बातचीत हुई, किन शर्तों पर चंपई सोरेन ने मुख्यमंत्री का पद छोड़ा, चंपई सोरेन को क्या भरोसा दिया गया, इसका खुलासा अभी नहीं हुआ है. धीरे-धीरे होगा, लेकिन बिहार की राह पर झारखंड भी चला.

मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद 8 जुलाई को विश्वास मत हासिल कर सकते हैं हेमंत 

यह अलग बात है कि हेमंत सोरेन की राह में कील कांटे कम रहे और वह आसानी से दोबारा मुख्यमंत्री की शपथ ले लिए. हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद 8 जुलाई को विश्वास मत हासिल कर सकते हैं. यह भी चर्चा है कि विश्वास मत हासिल करने के बाद ही मंत्रिमंडल का विस्तार होगा .सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस आला कमान से बातचीत के बाद 9 जुलाई को झारखंड मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है. चंपई सोरेन मंत्रिमंडल के अधिकांश लोगों को जगह मिलेगी  अथवा नहीं, इसको लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं. यह भी चर्चा है कि चंपई सोरेन को गठबंधन दलों के संयोजन समिति का संयोजक बनाया जा सकता है.

सूत्र बताते हैं कि झारखंड मुक्ति मोर्चा और राजद के मंत्रियों के बदलने की संभावना कम है. लेकिन कांग्रेस कोटे के मंत्री बदले जा सकते हैं. कांग्रेस आला कमान के निर्णय के बाद मंत्रियों के नाम को अंतिम रूप दिया जाएगा. टेंडर मैनेज घोटाले में आलमगीर आलम अभी जेल में है. उनकी जगह पर डॉक्टर इरफान अंसारी को मंत्री बनाने की बात लगभग फाइनल हो चुकी है . 12वे मंत्री के तौर पर लातेहार के विधायक बैद्यनाथ राम को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है. हालांकि मुख्यमंत्री के दोबारा शपथ लेने के बाद विपक्ष के नेताओं की कड़ी प्रतिक्रिया आई है.

झारखंड में सरकार बदल गई, लेकिन हालात नहीं: सुदेश महतो

आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो ने कहा है कि झारखंड में सरकार बदल गई, लेकिन हालात नहीं.  ऐसे तो यह दल का अंदरूनी मामला था, लेकिन जनता सब देख रही है. दूसरी ओर विधायक दीपिका पांडे सिंह ने कहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को शुभकामनाएं. उन्होंने 5 महीने का संघर्ष किया. सिटिंग मुख्यमंत्री को एजेंसी का दुरुपयोग कर जेल में डाला गया. उन्होंने साबित किया कि किसी भी परिस्थिति में गलत के लिए तैयार नहीं है.

सोरेन परिवार का एक ही मंत्र है कि मैं ही रहूंगा और कोई नहीं: शिवराज सिंह चौहान

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सोरेन परिवार का एक ही मंत्र है कि मैं ही रहूंगा और कोई नहीं. झारखंड की जनता आगामी विधानसभा चुनाव में पूरे 5 साल का हिसाब बराबर करेगी .उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन जमानत पर छूटे हैं ,आगे कानून अपना काम करेगा.

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कसा तंज

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि लोकतंत्र में जनता का जनादेश सेवा के लिए मिलता है. लेकिन आज हेमंत सोरेन के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि इंडिया ब्लॉक 2019 विधानसभा चुनाव में मिले जनादेश का उपयोग केवल शिबू सोरेन परिवार की जागीर को बचाने के लिए कर रहा .उन्होंने आगे कहा है कि यह वही चंपई सोरेन है, जिन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा सुप्रीमो शिबू सोरेन के साथ कदम से कदम मिलाकर आंदोलन में साथ दिया. सुख-दुख के सहभागी बने ,लेकिन आज उन्हें एहसास कराया गया कि वह भले पुराने आंदोलनकारी हैं, योग्य हैं, कर्मठ है लेकिन उनको नेतृत्व करने की छूट नहीं है.

 राज्य सभा सांसद डॉक्टर महुआ माजी  ने ये कहा

दूसरी ओर राज्य सभा सांसद डॉक्टर महुआ माजी ने कहा है कि बिना सबूत के 5 महीने तक सिटिंग मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जनता से दूर रखा गया. जिस कुशलता के साथ 2019 में चुनाव लड़कर राज्य में सरकार बनाए, गठबंधन के नेताओं का इन पर पूरा भरोसा है. उनके कहने पर ही हेमंत सोरेन को फिर से मुख्यमंत्री बनाया गया है.

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