दुमका(DUMKA):शादी यानी सात जन्मों का बंधन.एक ऐसा बंधन जिसमें लड़का हो या लड़की, सुनहरे भविष्य के सपने संजो कर रखते है. अब जरा सोचिए उस लड़की और उसके परिवार पर क्या गुजरती होगी जब शादी के लिए बारात लेकर पहुंचा दूल्हा मंडप पर जाने से पहले ही फरार हो जाए. ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला झारखंड की उपराजधानी दुमका से सामने आया है. घटना शुक्रवार रात जिले के रामगढ़ प्रखंड के मजडीहा गांव की है.हर तरफ उत्सवी माहौल था, शहनाई बज रही थी, मेहमान शादी की तैयारियों में जुटे थे और दुल्हन मंडप में बैठने को तैयार थी, तभी अचानक दूल्हा ही गायब हो गया. दूल्हे के फरार होने की खबर मिलते ही शादी की खुशियां गुस्से में बदल गईं और ग्रामीणों ने बारात में आए करीब तीन दर्जन लोगों को गांव में ही रोक लिया.
पहले से तय थी शादी, धूमधाम से पहुंची थी बारात
जानकारी के अनुसार मजडीहा गांव निवासी अरविंद ठाकुर की बेटी की शादी देवघर जिला के देवीपुर थाना क्षेत्र के मोहबंदिया गांव निवासी राम भरोशा ठाकुर से तय हुई थी. 13 मार्च को विवाह की तिथि निर्धारित थी और तय कार्यक्रम के अनुसार बारात भी पूरे धूमधाम के साथ गांव पहुंच गई थी.
मंडप से पहले ही दूल्हा हुआ फरार
बताया जाता है कि बारात गांव की दहलीज तक पहुंच चुकी थी और शादी की रस्में शुरू होने की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान अचानक दूल्हा वहां से फरार हो गया.जब इसकी जानकारी लड़की पक्ष और ग्रामीणों को हुई तो मौके पर अफरा तफरी और आक्रोश का माहौल बन गया.
गुस्साए ग्रामीणों ने बारातियों को रोका
दूल्हे के भाग जाने से नाराज ग्रामीणों ने बारात में आए करीब तीन दर्जन महिला पुरुषों को गांव में ही रोक लिया.ग्रामीणों का कहना था कि जब तक दूल्हा वापस नहीं आएगा और मामले का समाधान नहीं होगा, तब तक बारातियों को गांव से जाने नहीं दिया जाएगा.
पुलिस पहुंची, समझौते की कोशिश जारी
घटना की सूचना मिलने पर हंसडीहा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया.पुलिस ने बंधक बनाए गए लोगों को छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण दूल्हे को गांव बुलाने की मांग पर अड़े रहे. समाचार लिखे जाने तक पुलिस और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मदद से दोनों पक्षों के बीच समझौते की कोशिश जारी थी.
रिपोर्ट-पंचम झा