टीएनपी डेस्क (Tnp desk):-प्रदेश में भादों के इस महीने में पिछले चार दिनों से हुई बारिश के चलते हर जगह पानी-पानी ही दिख रहा है. हालांकि, पानी से आजादी अभी नहीं मिलने वाली है. आने वाले दिनों में भी बादल बरसेंगे . हालांकि, ये भी सच्चाई है कि पानी बरसने से किसानों को राहत मिली है. उनके खेतों में पानी आने से धान की फसलों को जान मिल गई है. आगे अच्छी फसल का अनुमान किसान लगा रहे हैं. क्योंकि , मानसून की जो बेरुखी इस साल भी प्रदेश क देखने को मिल रही है. उससे खासकर किसान बेहद चिंतित थे. पिछल कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश से लोगों ने राहत की सांस ली है.
मौसम में दिखेंगे परिवर्तन
आने वाले मौसम को लेकर रांची स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार साइक्लोनिक टर्फ के चलते यह बदलाव देखने को मिलेगा. बीते चार दिनों में हुई बारिश की वजह से मौसम में परिवर्तन देखने को मिला है. लेकिन, एकबार फिर बादल बरसेंगे. मौसम विभाग के मुताबिक ऐसा एक निम्न दबाव का साइक्लोनिक टर्फ बना हुआ है. यह मध्यप्रदेश के ऊपर से लेकर पश्चिम बंगाल के गांगेय क्षेत्र तक कायम है, यह झारखंड से होकर गुजर रहा है. इसके अलावा मानसून टर्फ झारखंड के दक्षिण ओडिशा के झारसुगड़ा से होकर खाड़ी तक कायम है. इन्हीं दो वजहों से 11 सितंबर से बारिश होगी.
अभी सामान्य से कम बारिश
पिछले कुछ दिनों से बारिश बेशक शानदार रही, लेकिन फिर भी प्रदेश में इस साल मानसून कमजोर ही रहा. राज्य में एक जून से लेकर अब तक 591.7 मिमी बारिश हो चुकी है. यह सामान्य वर्षापात 873.8 से 32 फीसदी कम है. वही रांची में इस दरम्यान 891.6 मिमी की तुलना में 582 मिमी बारिश हुई, जो कि सामान्य से 35 फीसदी कम है. वैसे 11 सितंबर से हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश होने का अनुमान है.
इस साल कमजोर है मानसून
झारखंड में लगातार दूसरे साल कमजोर मानसून देखने को मिल रहा है. अभी तक जितनी बारिश होनी चाहिए थी, सामान्य से वह कम ही हुई है. लागातार दूसरे साल प्रदेश में सूखाग्रस्त जैसे हालात पनप गये हैं, किसानों के चेहरे तो अगस्त के महीने में मुरझाये हुए थे, आधे से अधिक खेतों में तो इस साल धान की रोपनी भी बारिश के चलते नहीं हो सकी. कुछ दिनों से वर्षा तो हो रही है.है. इससे किसानों के मुरझाये चेहरे पर रौनक तो लोटी है. लेकिन, अभी भी जोरदार बारिश का इंतजार अन्नादाताओं को है. ताकि उनकी फसले खेतों में लहलहाए.