रांची (RNCHI): रांची नगर निगम के मेयर पद के चुनाव में बड़ा सियासी घटनाक्रम देखने को मिला है. पार्टी समर्थित प्रत्याशियों के अलावा मैदान में उतरे भाजपा और झामुमो के कई नेताओं ने आज अपना नामांकन वापस ले लिया. इससे दोनों ही प्रमुख दलों ने राहत की सांस ली है और चुनावी तस्वीर अब पहले से ज्यादा साफ हो गई है.
भाजपा से जुड़े राजेंद्र मुंडा, सुनील फकीरा कच्छप और संजय टोप्पो ने मेयर पद के लिए भरा गया नामांकन वापस ले लिया. गौरतलब है कि भाजपा ने आधिकारिक तौर पर रोशनी खलखो को अपना समर्थित उम्मीदवार घोषित किया है. वहीं आजसू से जुड़े, चडरी सरना समिति के प्रधान महासचिव और केंद्रीय सरना समिति के वरिष्ठ सदस्य सुरेंद्र लिंडा ने नामांकन वापस नहीं लिया है और वे अब भी चुनावी मैदान में डटे हुए हैं.
स्क्रूटनी के बाद मेयर पद के लिए कुल 19 प्रत्याशी बचे थे, जिनमें से 8 उम्मीदवारों ने नामांकन वापस ले लिया. इसके बाद अब मुकाबले में कुल 11 प्रत्याशी शेष रह गए हैं.
दूसरी ओर झामुमो ने सुजीत विजय आनंद कुजूर को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया है. पार्टी के समर्थन के बावजूद मेयर पद के लिए नामांकन करने वाले झामुमो के पांच अन्य नेताओं — कथरीना तिर्की, रामशरण तिर्की, अजीत लकड़ा, सुजीत कुमार कुजूर और वीरु तिर्की — ने भी अपना नामांकन वापस ले लिया.
नामांकन वापसी की इस प्रक्रिया में रांची जिला झामुमो अध्यक्ष मुश्ताक आलम की अहम भूमिका रही. पार्टी हाईकमान के निर्देश पर उन्होंने अन्य दावेदारों से बातचीत कर उन्हें मनाया, जिसका नतीजा यह रहा कि पार्टी एकजुट नजर आई और बागी सुर थम गए.
अब रांची मेयर चुनाव में मुकाबला सीमित प्रत्याशियों के बीच होगा, जिससे चुनावी रणनीति और भी दिलचस्प हो गई है.
