गुमला(GUMLA): जिले से साइबर ठगों ने खुद को कृषि विभाग का अधिकारी बताकर एक किसान को अपने जाल में फंसा लिया और उससे करीब 50 हजार रुपये ठग लिए. यह घटना बताती है कि किस तरह भरोसे का फायदा उठाकर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है. फिलहाल मामले की जांच जारी है
सदर थाना क्षेत्र के तिरा डुमरटोली गांव निवासी किसान रूपेश उरांव इस ठगी का शिकार बने हैं. पीड़ित ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने बताया कि यह पूरी घटना तब शुरू हुई, जब वह बीते शनिवार को पटना में थे.
उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया. कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को कृषि विभाग का अधिकारी बताया और भरोसा दिलाया कि उनकी मां के नाम पर महुआ और धान की खेती के लिए एक सरकारी योजना स्वीकृत हुई है. इतना ही नहीं, आरोपी ने यह भी कहा कि योजना के तहत बोरिंग के लिए करीब 55 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जिससे खेती करना आसान हो जाएगा.
ठग ने अपनी बातों में विश्वसनीयता लाने के लिए योजना और सब्सिडी से जुड़ी कई जानकारी दी, जिससे किसान को उस पर भरोसा हो गया. इसके बाद उसने एक क्यूआर कोड भेजा और कहा कि प्रक्रिया पूरी करने के लिए कुछ शुल्क जमा करना होगा. सबसे पहले 8,630 रुपये ट्रांसफर कराए गए.
इसके बाद आरोपी ने अलग-अलग कारण बताते हुए कई बार पैसे मांगे. उसने कभी फाइल प्रोसेसिंग तो कभी सब्सिडी रिलीज कराने का बहाना बनाकर छह अलग-अलग किस्तों में कुल मिलाकर करीब 50 हजार रुपये ऐंठ लिए. रूपेश ने बताया कि जब उन्होंने आखिरी बार पैसे ट्रांसफर किए, उसके बाद आरोपी ने कॉल उठाना बंद कर दिया. जब काफी कोशिशों के बाद भी संपर्क नहीं हो पाया, तब उन्हें एहसास हुआ कि वे ठगी का शिकार हो चुके हैं. इसके बाद उन्होंने तुरंत सदर थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई.
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और कॉल डिटेल्स व बैंक ट्रांजेक्शन के आधार पर आरोपी तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है. इस घटना ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि सरकारी योजनाओं के नाम पर हो रही ठगी से सतर्क रहना बेहद जरूरी है.