TNP DESK: धनबाद जिले में अवैध लॉटरी और गेसिंग खेल का कारोबार तेजी से फैल रहा है. खासकर झरिया थाना क्षेत्र समेत कई इलाकों में खुलेआम लॉटरी टिकटों की बिक्री और गेसिंग खेल संचालित होने की चर्चा ने स्थानीय लोगों की चिंता काफी ज्यादा बढ़ा दी है. बनियाहिर स्थित अस्पताल के पास बने सामुदायिक भवन में बड़े स्तर पर गेसिंग खेल चलाए जाने के आरोप सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी देखी जा रही है.
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि झरिया और आसपास के इलाकों में मुख्य सड़कों के किनारे, छोटी दुकानों और सार्वजनिक जगहों पर खुलेआम लॉटरी टिकट बेचे जा रहे हैं. वहीं बनियाहिर स्थित सामुदायिक केंद्र में कथित तौर पर देर रात तक गेसिंग खेल का संचालन किया जाता है. यहां रोज बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटने की बात कही जा रही है. लोगों का आरोप है कि पैसे का लेन-देन खुलेआम होता है, लेकिन प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही.
ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस अवैध कारोबार का सबसे ज्यादा असर गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों पर पड़ रहा है. रोज कमाने-खाने वाले लोग जल्दी पैसा कमाने की उम्मीद में अपनी मेहनत की कमाई गंवा रहे हैं. इसके चलते कई परिवार आर्थिक संकट और कर्ज की समस्या से जूझने लगे हैं.
स्थानीय लोगों के मुताबिक इस मामले को लेकर पहले भी कई बार शिकायत और विरोध किया गया, लेकिन हालात में कोई खास बदलाव नहीं आया. लोगों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से अवैध कारोबार से जुड़े लोगों का हौसला बढ़ता जा रहा है. इसी वजह से अब कई लोग खुलकर विरोध करने से भी डरने लगे हैं.
सूत्रों की मानें तो अवैध लॉटरी और गेसिंग का यह धंधा एक संगठित नेटवर्क के तहत चलाया जा रहा है. बताया जा रहा है कि हाल के महीनों में अलग-अलग इलाकों में इसकी सप्लाई और संचालन को लेकर गुप्त रूप से जिम्मेदारियां भी बांटी गई हैं.
सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस से इस अवैध कारोबार के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की मांग की है. लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों और सामुदायिक भवनों का इस्तेमाल सामाजिक और जनहित के कार्यों के लिए होना चाहिए, न कि कथित अवैध गतिविधियों के संचालन के लिए.
रिपोर्ट : नीरज कुमार