गुमला(GUMLA):गुमला जिला की प्राकृतिक सुंदरता इन दिनों को अनायास अपनी ओर आकर्षित कर रही है. लोग अभी से ही पूरे परिवार के साथ इन स्थलों पर वर्तमान साल की बिदाई और नए साल के जश्न मनाने की योजना बना रहे है. लोगो का कहना है कि पूरे देश मे गुमला जैसी प्राकृतिक सुंदरता कही नहीं होगी.वैसे तो गुमला जिला एक आदिवासी बहुल पिछड़े जिले के रूप में लोगो के बीच चर्चा में रहता है, साथ ही नक्सली घटनाओ और आपराधिक सक्रियता के कारण गुमला की नकारात्मक तस्वीर लोगो के दिमाग में बनी हुई है, लेकिन इन सब के बीच गुमला की प्राकृतिक सुंदरता भी गुमला को एक अलग पहचान देती है. पहाड़ों और पर्वतों से घिरा यह इलाका नदियों की बहती धारा के कारण प्राकृतिक सुंदरता में काफी धनी है.
काफी संख्या में स्थानीय लोग इन स्थलों पर पिकनिक मनाने के लिए आते है
आप मुख्य सड़क से कुछ अंदर चले जाएं तो जो सुंदरता देखने को मिलेगी, उसे देखकर आपका मन पूरी तरह से प्रसन्न हो जाता है,यही कारण है कि गुमला के विभिन्न इलाकों के साथ ही इसके आसपास के जिलों से भी काफी संख्या में स्थानीय लोग इन स्थलों पर पिकनिक मनाने के लिए आते है.बात कोयल नदी की हो या संख नदी की ,दोनों नदिया जब चट्टानों के बीच से बहते हुए निकलती है तो वह नजारा देखते ही बनता है वही पास में मौजूद जंगल की इसकी खूबसूरती को और बढ़ा देते है.
गोवा और मसूरी की सुंदरता भी इसके सामने फीकी पड़ जायेगी
वहीं स्थानीय लोग भी इसकी सुंदरता की प्रशंसा करते नही थकते है.गुमला की प्राकृतिक खूबशूरती का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते है कि जो कोई भी यहां एक बार आता है बार बार आने की चाहत रखता है, इस स्थान को सरकार अगर पर्यटक स्थल के रूप में सही रूप से विकसित कर दे तो गोवा और मसूरी की सुंदरता भी इसके सामने फीकी पड़ जायेगी.इस जिला में ऐसे कई स्थल है जो पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने की तमाम सम्भवनाएं रखते है. लेकिन दुर्भाग्य है कि आज तक सूबे में बनी किसी सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया,इन स्थलों पर बहुत कुछ करने की आवश्यकता नहीं है बल्कि इसके प्राकृत बनावट में कुछ छेड़छाड़ किये बिना केवल सुविधा बहाल कर दी जाय.
सही रूप से विकास किया जाय तो स्थानीय लोगो के लिए एक रोजगार का अवसर भी मिलेगा
स्थानीय युवक की माने तो इन स्थानों का सही रूप से विकास किया जाय तो स्थानीय लोगो के लिए एक रोजगार का अवसर भी मिलेगा बस जरूरत है कि सरकार थोड़ा ध्यान दे, जब बाहर से पर्यटक आएगे तो यहां के लोगो को व्यवसाय का भी अवसर मिलेगा.अब तक सूबे में बनी सरकारों ने केवल झारखंड की खनिज संपदा को ही महत्व दिया और उसी में लगे रहे जबकि यहां की प्राकृतिक सुंदरता अपने आप मे काफी धनी है. अगर उस ओर सरकार ध्यान देते तो गुमला सहित झारखंड के कई जिले पूरी तरह से पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो जाता जिससे स्थस्नीय लोगो को रोजगार का अवसर तो मिलता ही साथ ही सरकार को राजस्व प्राप्त भी होगा.
रिपोर्ट-सुशील कुमार सिंह
