धनबाद(DHANBAD): देश में कुकिंग गैस का किल्लत है अथवा नहीं, के विवाद के बीच अब केरोसिन का जमाना भी लंबे अर्से के बाद लौट रहा है. फिर से केरोसिन स्टोव और ढिबरी जलाना पड़ सकता है. मिडिल ईस्ट देशों में युद्ध का असर अब बढ़ता जा रहा है. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने झारखंड सहित देश के सभी राज्यों के लिए नए ढंग से केरोसिन का आवंटन किया है. इस आशय का पत्र सभी राज्यों को भेजा गया है और कहा गया है कि पीडीएस अथवा अन्य किसी वितरण व्यवस्था के तहत लोगों के बीच ऐसे पहुंचाया जाए. लोग इसका उपयोग खाना बनाने तथा ढिबरी जलाने के काम में ला सकते है, पेट्रोल -डीज़ल में मिलावट नहीं होनी चाहिए। सूत्रों के अनुसार मंत्रालय ने केरोसिन का आवंटन तो कर दिया है, लेकिन राज्य की तेल कंपनियों के सामने अब यह एक बड़ा संकट है कि केरोसिन को कैसे सुरक्षित रखा जाए वजह यह बताई जा रही है कि केरोसिन की आपूर्ति बंद होने के बाद पूरी सिस्टम लगभग खत्म हो गई है. यह आवंटन पत्र संख्या M-11021(16)/1/2026-Distribution-PNG dt 12 March के जरिये किया गया है.
तेल कंपनियों के सामने भी खड़ी हुई बड़ी चुनौती
अब अगर आवंटन मिलता भी है, तो नए ढंग से केरोसिन रखने की व्यवस्था करनी होगी और इसमें वक्त लग सकता है. फिलहाल गैस के लिए मारामारी चल रही है.कहीं सड़क जाम हो रही है तो कहीं भीड़ जुट रही है. ऑनलाइन गैस का नंबर नहीं लग रहा है, जिसका बिल जनरेट हो गया है, उनके घर तक भी गैस की आपूर्ति नहीं पहुंच रही है. लोग काम धंधा ,नौकरी- पेशा छोड़कर गैस के लिए लंबी-लंबी लाइन में लग रहे हैं. महिलाओं का गुस्सा आसमान पर है. उनका कहना है कि एक तो अभी हाल ही में गैस के मूल्य में वृद्धि की गई, बावजूद गैस नहीं मिल रही है. यह अलग बात है कि मिडिल ईस्ट के देशों में चल रहे युद्ध के कारण यह सब स्थिति पैदा हुई है. लेकिन परिस्थितियों को स्वीकारने के बजाय अप्रत्यक्ष रूप से इसे स्वीकारा जा रहा है और केरोसिन का आवंटन इसी का एक हिस्सा है.
वितरण की व्यवस्था राज्य सरकार के जिम्मे होंगी
जारी पत्र में कहा गया है वितरण की व्यवस्था राज्य सरकार के जिम्मे होगी। राज्य सरकार को यह इंश्योर करना होगा कि पेट्रोल अथवा डीजल में मिलावट के लिए इसका उपयोग नहीं होगा . ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी आपूर्ति को प्राथमिकता देनी है. 45 दिनों के अंदर संबंधित राज्यों को आवंटित केरोसिन की आपूर्ति लेनी होगी। जानकारी के अनुसार झारखंड को 972 किलो लीटर केरोसिन का आवंटन हुआ है. इसी प्रकार बिहार को 4452 किलोमीटर केरोसिन का आवंटन हुआ है. अंडमान निकोबार को 24 किलोमीटर, आंध्र प्रदेश को 2772 किलो लीटर, अरुणाचल प्रदेश को 264 किलोमीटर, असम को 1248 किलो लीटर, छत्तीसगढ़ को 936 किलो लीटर , गोवा को 24 किलो लीटर , गुजरात को 1452 किलो लीटर, हरियाणा को 876 किलो लीटर , हिमाचल प्रदेश को 400 किलो लीटर , जम्मू एंड कश्मीर को 468 किलो लीटर।
कर्नाटक सहित अन्य राज्यों को मिला है भरपूर आवंटन
कर्नाटक को₹2304 किलो लीटर, केरल को 1716 किलो लीटर , लद्दाख को 24 किलो लीटर , लक्षद्वीप को 12 किलो लीटर, मध्य प्रदेश को 2436 किलो लीटर, महाराष्ट्र को 3744 किलो लीटर , मणिपुर को 156 किलो लीटर , मेघालय को 96 किलो लीटर , मिजोरम को 84 किलो लीटर, नागालैंड को 72 किलो लीटर , ओडिशा को 1884 किलो लीटर, पांडिचेरी को 48 किलो लीटर , पंजाब को 1176 किलो लीटर , राजस्थान को 2928 किलो लीटर, सिक्किम को 36 किलो लीटर, तमिलनाडु को 3 228 किलो लीटर , सिक्किम को 36 किलोलीटर , तमिलनाडु को₹328 किलो लीटर , तेलंगाना को 1740 किलो लीटर , त्रिपुरा को 132 किलो लीटर , उत्तर प्रदेश को 7932 किलो लीटर , उत्तराखंड को 396 किलो लीटर केरोसिन का आवंटन किया गया है. यह आवंटन राज्य सरकार को निर्धारित समय में प्राप्त करना है और उसका वितरण भी कराना है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो