रांची(RANCHI): वासेपुर का कुख्यात अपराधी प्रिंस खान को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है. साथ ही प्रिंस खान की तस्वीर के साथ एक पाकिस्तानी आईडी कार्ड सामने आया है. जिसमें प्रिंस खान का नाम फैज खान है. हलाकी यह पहचान पत्र की सत्यता की पुष्टि नहीं है. लेकिन अब इस आधार पर पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है. साथ ही मीडिया रिपोर्टस में प्रिंस खान का वासेपुर से निकल कर दुबई और फिर पाकिस्तान तक के सफर की चर्चा है.
दरअसल हाल के दिनों में प्रिंस खान को लेकर धनबाद पुलिस ने कई खुलासा किया. जिसमें बात निकल कर सामने आई की प्रिंस खान दुबई से पाकिस्तान शिफ्ट हो गया. वह कराची में रह कर झारखंड में रंगदारी वसूलने का काम कर रहा है. साथ ही दावा है कि वह अपना नाम बदल कर पाकिस्तान में छुपा है. प्रिंस खान का नाम फैज खान है. साथ ही उसके पिता का नाम इशफाक लिखा गया है. हलाकी मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक पुलिस ने पहचान पत्र को जांच में नकली बताया है.
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक प्रिंस खान दुबई से ओमान के रास्ते पाकिस्तान पहुंचा है. बताया जा रहा है कि प्रिंस खान का जब पासपोर्ट रद्द कर दिया गया. जिसके बाद उसके पास कोई रास्ता नहीं था. सुरक्षा एजेंसी की दबिश बढ़ती जा रही थी. उसे लगा की अब दुबई में नहीं रह सकते. जिसके बाद दुबई में कुछ एजेंट से संपर्क कर प्रिंस खान ने फैज खान के नाम से नकली पहचान पत्र बनवाया और फिर ओमान पहुंचा. एजेंट के द्वारा पूरी व्यवस्था की गई थी. जिसके बाद पानी जहाज के जरीय वह पाकिस्तान पहुंच गया.और पाकिस्तान में ही रह रहा है. आईडी कार्ड में प्रिंस खान का नाम है और उसमें एक पता लिखा गया है. शादमान टाउन सेक्टर 14 बी बफर जॉन कराची है. पुलिस का दावा है कि प्रिंस खान भारत से भागने के बाद दुबई गया और फिर वह पाकिस्तान के कराची पहुंच गया. हलाकी मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक पुलिस को मिली जानकारी के तहत प्रिंस खान का अभी बहावलपुर में है. इसी जगह जैश ए मोहम्मद का कमांड एरिया माना जाता है.
अब इसकी तह तक जाने की कोशिश पुलिस कर रही है. साथ ही पूर्व मामले में झारखंड पुलिस ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखा है. जिसमें सीबीआई के जरिए इन्टरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने का अनुरोध किया गया है.
बता दे कि प्रिंस खान धनबाद के वासेपुर पासपोर्ट बनवा कर 2021 में वह फरार हो गया था. धनबाद में नन्हे मर्डर केस के बाद प्रिंस खान ने भारत छोड़ने का फैसला किया था. बताया जाता है कि धनबाद से भागने के बाद वह बांग्लादेश के सीमावर्ती इलाके मुर्शिदाबाद में बैठ कर गैंग चला रहा था. और इसी जगह से पासपोर्ट का आवेदन दिया और फिर पुलिस ने उसे वेरीफाई कर दिया.प्रिंस खान ने तत्काल पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था. जिसमें पासपोर्ट पहले बन जाता है और पुलिस सत्यापन बाद में किया जाता है।इसी का फायदा प्रिंस ने उठाया.