✕
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • Local News
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • Special Stories
  • LS Election 2024
  • covid -19
  • TNP Explainer
  • Blogs
  • Trending
  • News Update
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • Latest News
  • YouTube
☰
  1. Home
  2. /
  3. News Update

डीजल में 22 रुपए की वृद्धि से आम लोगों की जेब पर ऐसे पड़ेगा भारी बोझ,महंगाई डायन और अधिक सताएगी

BY -
Samiksha Singh
Samiksha Singh
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: March 21, 2026, 10:18:00 AM

TNP DESK- डीजल लगभग ₹22 प्रति लीटर महंगा हो गया है. गनीमत है कि मूल्य वृद्धि फिलहाल इंडस्ट्रियल डीजल में की गई है. आम उपभोक्ताओं के उपयोग में आने वाले ईंधन में केवल प्रीमियम पैट्रोल के मूल्य में दो रुपए से कुछ अधिक की बढ़ोतरी की गई है. लेकिन इंडस्ट्रियल डीजल में हुई मूल्य वृद्धि का असर सीधे तौर पर आगे चलकर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा. 

इंडस्ट्रियल डीजल की कीमत₹87.67 से बढ़ाकर ₹109.59 कर दिया गया है. और यह शुक्रवार से लागू हो गई है. आपको बता दें कि इंडस्ट्रियल डीजल का इस्तेमाल मुख्य रूप से बड़ी-बड़ी फैक्ट्री में ,डीजल जनरेटर सेट में, कंस्ट्रक्शन साइट में ,कोलियरियों की बड़ी बड़ी मशीनों में होता है. कंपनियों से सीधे ऐसे उपभोक्ता डीजल खरीदने हैं.

 इंडस्ट्रियल डीजल आमतौर पर कम रिफाइंड और ज्यादा सल्फर वाला होता है. इसलिए यह सस्ता पड़ता है. जब कि नार्मल डीजल BS 6 जैसे मानकों के तहत साफ और प्रदूषण रहित होता है. इसी वजह से इंडस्ट्रियल डीजल को साधारण वाहन में इस्तेमाल की मनाही होती है. इससे इंजन को नुकसान का खतरा होता है. जबकि नॉर्मल डीजल गाड़ियों को सुरक्षित रखता हैं. 

दरअसल इंडस्ट्रियल डीजल का उपयोग बड़े-बड़े औद्योगिक प्लांट चलाने में होता है. बड़े-बड़े जनरेटर सेट में किया जाता है. किसी भी तरह के खनन कार्य और भारी वाहन के खदानों में इस्तेमाल होने वाली मशीनों में इसका उपयोग होता है. कंपनियों में भट्ठी या बॉयलर चलाने के लिए इंडस्ट्रियल तेल की जरूरत पड़ती है. 

कोयलांचल में तो इसका सीधा असर आउटसोर्सिंग कंपनियों पर पड़ेगा. कोल इंडिया की कोलियरियों में उत्पादन खर्च बढ़ जाएगा. बड़े-बड़े ट्रांसपोर्ट कंपनियां का खर्च भी बढ़ेगा. जिसका असर उपभोक्ताओं पर पड़ेगा. इतना ही नहीं ,इंडस्ट्रियल डीजल की कीमत का असर सिर्फ फैक्ट्री तक सीमित नहीं रहेगा, यह आदमी की जेब तक पहुंचेगा. 

दरअसल, लोहा, स्टील, सीमेंट और केमिकल जैसी बड़ी फैक्ट्री में भारी मशीन चलाने के लिए इंडस्ट्रियल डीजल का उपयोग होता है. पावर प्लांट में भी इंडस्ट्रियल डीजल का उपयोग किया जाता है. सड़क निर्माण, मेट्रो प्रोजेक्ट और बड़ी-बड़ी इमारत के निर्माण में भी लगी मशीनों में इसका उपयोग होता है. इतना ही नहीं बड़ी-बड़ी लॉजिस्टिक कंपनियां थोक भाव में डीजल खरीदती है. उनका अब ऑपरेशन खर्च बढ़ जाएगा.

 इसका सीधा असर माल ढुलाई पर भी दिखेगा. कंपनियों का जब लागत कास्ट बढ़ेगा तो वह मूल्य वृद्धि करेगी और भविष्य में इसका सीधा असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा. आज ही तेल कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल पर₹2.09 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की. उसके बाद इंडस्ट्रियल डीजल में लगभग ₹22 की बढ़ोतरी की गई है. जबकि इंडस्ट्रियल पेट्रोल में ₹5 की बढ़ोतरी हो गई है. अगर खाड़ी देशों का युद्ध चलता रहा तो उपभोक्ताओं को भारी बोझ झेलना पड़ेगा. महंगाई की मार झेल रही आम जनता अब और तबाह और परेशान हो सकती है.

Tags:Jharkhand newsDhanbad newsIndustrial Dieseldieselpriceincrease of Rs 22 in diesel prices

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.