धनबाद (DHANBAD): देश ही नहीं, दुनिया की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया की रेटिंग गिर गई है. पहले एक्सीलेंट थी और अब वेरी गुड पर आ गई है. इसके साथ ही कोयला अधिकारियो को आर्थिक नुकसान का भी रास्ता खुल गया है. झारखंड में संचालित कोयला कंपनी बीसीसीएल और सीसीएल की रेटिंग में भी गिरावट हुई है. एक्सीलेंट से दोनों सहायक कंपनियां वेरी गुड पर आ गई है. बता दें कि 23-24 में कोल इंडिया की रेटिंग एक्सीलेंट थी, जबकि बीसीसीएल और सीसीएल की भी रेटिंग एक्सीलेंट थी. लेकिन अब इसमें गिरावट हुई है.
क्यों होगा कोयला अधिकारियो को नुकसान
इस वजह से कोयला अधिकारियों को अब नुकसान हो सकता है. बता दें कि इसी रेटिंग के आधार पर कोयला अधिकारियों का पीआरपी का भुगतान होता है. वैसे तो पीआरपी के भुगतान में कई और पहलू होते हैं, लेकिन सबसे मजबूत पहलू रेटिंग ही होती है. यानी यह तय हो गया है कि 23-24 के मुकाबले 24-25 में कोयला अधिकारियों को पीआरपी कम मिलेगा और यह कोयला अधिकारियों के लिए चिंता का कारण बन सकता है. कोयला कंपनियों के लिए भी परेशानी हो सकती है.
किन कंपनियों की क्या है रेटिंग
वैसे जानकारी मिली है कि ईसीएल की रेटिंग गुड है, बीसीसीएल की वेरी गुड, सीसीएल की वेरी गुड, एनसीएल की एक्सीलेंट, डब्लू सी एल का एक्सीलेंट, एसईसीएल का वेरी गुड, एमसीएल का एक्सीलेंट, सी एम पीडीआईएल का एक्सीलेंट रेटिंग की गई है. यानी झारखंड में संचालित कंपनियों में सिर्फ एक ही को एक्सीलेंट श्रेणी में रखा गया है. बता दें कि कोयला कंपनी अभी दबाव में है. उत्पादन बढ़ाने का दबाव है, तो डिस्पैच करने का भी प्रेशर है. बीसीसीएल तो कोयला बिक्री के लिए कैशबैक पॉलिसी लेकर आई है. इसका कुछ फायदा उसे मिल जरूर रहा है.
रिपोर्ट- धनबाद ब्यूरो