☰
✕
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • TNP Special Stories
  • Health Post
  • Foodly Post
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Art & Culture
  • Know Your MLA
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • Local News
  • Tour & Travel
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • Special Stories
  • LS Election 2024
  • covid -19
  • TNP Explainer
  • Blogs
  • Trending
  • Education & Job
  • News Update
  • Special Story
  • Religion
  • YouTube
  1. Home
  2. /
  3. News Update

बहुचर्चित संजय सिंह हत्याकांड में धनबाद थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर ने दी गवाही, जानिए क्या कहा

बहुचर्चित संजय सिंह हत्याकांड में धनबाद थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर ने दी गवाही, जानिए क्या कहा

धनबाद(DHANBAD): धनबाद का बहुचर्चित संजय सिंह हत्याकांड तिथि 27 मई 1996. उस वक्त धनबाद के एसपी थे सुनील कुमार.  धनबाद थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर अशोक कुमार और बैंक मोड़ के तत्कालीन इंस्पेक्टर एसपी कोठी में ही मौजूद थे. एसपी भी अपने आवासीय कार्यालय में ही थे.  इसी बीच लाल रंग की NE गाड़ी पर गोली चलने की आवाज आती है. हल्ला होता है, एसपी सहित दोनों इंस्पेक्टर और पुलिसकर्मी दौड़े हुए बाहर निकलते हैं.  NE गाड़ी में संजय सिंह लहूलुहान पड़े होते हैं, उन्हें तत्काल अस्पताल भेजा जाता है. जहां डॉक्टर उन्हें  मृत घोषित कर देते हैं. संजय सिंह की मौत की खबर से धनबाद सेंट्रल हॉस्पिटल में काफी भीड़ जुट जाती है. उसके बाद कोयला कारोबारी सुरेश सिंह और पप्पू सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की जाती है. यह घटना उस वक्त काफी सुर्खियां बटोरी थी. 

कांड के वादी को गवाही के लिए खोज रही है पुलिस 

हत्याकांड के इस मामले में उस समय के  धनबाद थाना के इंस्पेक्टर अशोक कुमार ने मंगलवार को गवाही दी है. पुलिस कांड के वादी को गवाही के लिए खोज रही है. जिला एवं सत्र न्यायाधीश 16 अखिलेश कुमार की कोर्ट में अनुसंधानकर्ता ने अभियोजन पक्ष का समर्थन किया तथा अनुसंधान में आए तथ्यों के संबंध में अदालत को बताया.  इस मामले के आरोपी रवि शंकर सिंह उर्फ पप्पू सिंह अदालत में हाजिर नहीं थे.  उनकी ओर से प्रतिनिधित्व का आवेदन दिया गया था.  अनुसंधानकर्ता ने अदालत को बताया कि अनुसंधान के दौरान उन्होंने पप्पू  सिंह तथा सुरेश सिंह को गिरफ्तार किया था. कोर्ट ने अभियोजन पक्ष को अन्य गवाहों को गवाही के लिए बुलाने का आदेश दिया. कांड में ट्रायल का सामना कर रहे पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर सिंह के नाती पप्पू सिंह के खिलाफ इस मामले में 23 वर्षों के बाद आरोप का गठन किया गया था. 

 27 मई 1996 को एसपी कोठी के ठीक सामने हुई थी हत्या 

27 नवंबर 2017 को इस मामले में कोर्ट का पहला फैसला आया था.  कोर्ट ने इस मामले के दो आरोपी पवन सिंह एवं काशीनाथ सिंह को साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिया था.  बाद में सिंह मेंशन के रामधीर सिंह भी इस मामले में बरी किए गए थे.   27 मई 1996 को संजय सिंह की एसपी कोठी के ठीक सामने गोली मार कर हत्या कर दी गई थी. कृष्णा सिंह ने धनबाद थाना में कोयला कारोबारी सुरेश सिंह और पप्पू सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी. बाद में सीआईडी पटना ने इस केस में अलग अनुसंधान कर 24 फरवरी 1998 को आरोप पत्र समर्पित किया था. सीआईडी की चार्जशीट में अनिल कुमार यादव को फरार दिखाते हुए रामधीर सिंह, राजीव रंजन सिंह, पवन कुमार सिंह, काशीनाथ सिंह, अशोक सिंह और विनोद सिंह को आरोपी बनाया गया था.  सीआईडी ने सुरेश सिंह और रवि शंकर सिंह उर्फ पप्पू सिंह को बेकसूर बताया था. 

Published at:21 Sep 2022 02:55 PM (IST)
Tags:News
  • YouTube

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.