धनबाद(DHANBAD): कोयलांचल में पूजा का उत्साह चरम की ओर धीरे धीरे बढ़ने लगा है. लगभग सभी पंडाल के पट खुल गए हैं और माता दर्शन देने लगी हैं. इस वर्ष खास यह है कि अधिकतर पंडाल किसी न किसी थीम पर बनाए गए हैं, जो श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहे हैं. आयोजकों ने एक से बढ़कर एक पंडाल तैयार कराया है .ज्यादातर पंडाल पश्चिम बंगाल के कारीगर बनाए हैं. शनिवार को पंडालों का उद्घाटन हो गया, किसी पंडाल का उद्घाटन डीआरएम ने किया तो किसी का उद्घाटन एसएसपी ने किया, तो किसी का उद्घाटन समाजसेवियों ने किया तो किसी का उद्घाटन नेताओं ने. आज से कोयलांचल के लोग पूरी तरह से पूजा के रंग में रंग जाएंगे. आपको बता दें कि कोयलांचल में एक ऐसी भी पूजा होती है जहां तैयारी शुरू करने से लेकर विसर्जन तक की जिम्मेवारी महिलाओं को होती है. धनबाद के पुटकी स्थित श्रीनगर दुर्गा पूजा में यह व्यवस्था 1993 से चल रही है .महिलाएं पूजा का आयोजन करती है और पुरुष घर के काम संभालते हैं .चंदा काटने से लेकर मूर्ति का आर्डर करने, डेकोरेशन कराने सब की जिम्मेवारी महिलाओं के कंधे पर होती है. इस पूजा समिति की चर्चा भी खूब होती है. इधर, नगर निगम ने एक आदेश जारी कर दिया है कि नदी और तालाबों में मूर्ति अथवा पूजा सामग्री का विसर्जन करने पर कार्रवाई होगी. निगम के इस आदेश का भी विरोध शुरू हो गया है. लोग पूछ रहे हैं कि निगम बताएं कि अगर नदी नालों में मूर्ति का विसर्जन नहीं होगा तो आखिर कहां करेंगे.
रिपोर्ट: सत्यभूषण सिंह, धनबाद
.jpeg)