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हजारीबाग खनन घोटाला: केंद्र की चेतावनी से हड़कंप, RCCF के खिलाफ जांच कर कार्रवाई के निर्देश, कटघरे में वन विभाग

BY -
Vinita Choubey  CE
Vinita Choubey CE
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 15, 2026, 5:28:27 PM

हजारीबाग (HAZARIBAGH): हजारीबाग जिले में 156 हेक्टेयर क्षेत्र में अवैध खनन की सीआईडी जांच में पुष्टि होने के बावजूद वन विभाग द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने पर केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने झारखंड सरकार को रिमाइंडर भेजकर हजारीबाग के क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक (RCCF) पर लगे गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों की पूरी जांच कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. मंत्रालय ने यह कदम CPGRAM पोर्टल पर दर्ज एक शिकायत के बाद उठाया. हजारीबाग निवासी शनि कांत ने शिकायत में आरोप लगाया था कि अवैध खनन की पुष्टि के बावजूद संबंधित अधिकारी और राज्य सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया. शिकायत में यह भी दावा किया गया कि अधिकारी उच्च स्तर का संरक्षण प्राप्त हैं.

केंद्र द्वारा भेजे गए रिमाइंडर में उल्लेख किया गया कि 23 दिसंबर 2025 को भी पत्र भेजा गया था, लेकिन न तो कोई कार्रवाई हुई और न संतोषजनक जवाब मिला. इसके चलते 5 जनवरी 2026 को मंत्रालय के वैज्ञानिक ‘ई’ चारण जीत सिंह ने डिजिटल हस्ताक्षरित पत्र के माध्यम से झारखंड सरकार से मामले की दोबारा समीक्षा कर तत्काल कार्रवाई करने को कहा. इस पत्र की कॉपी प्रधान मुख्य वन संरक्षक, FCA नोडल अधिकारी और केंद्रीय वन उप महानिदेशक (रांची) को भी भेजी गई.

जांच में सामने आया कि हजारीबाग के तत्कालीन पश्चिमी वन प्रमंडल पदाधिकारी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अवैध खनन में शामिल NTPC और त्रिवेणी सैनिक माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड को लाभ पहुंचाने के लिए सरकारी नियमों और रिपोर्ट में महत्वपूर्ण तथ्यों को छुपाया. विशेष रूप से दुमुहानी नाले की चौड़ाई रिपोर्ट में 20-30 मीटर बताई गई थी, जबकि वास्तविक खनन प्रक्रिया में इसे घटाकर 4-5 मीटर कर दिया गया, जो पर्यावरण नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है. केंद्र का यह रिमाइंडर स्पष्ट संदेश है कि झारखंड सरकार को वन विभाग में भ्रष्टाचार और अवैध खनन के मामलों में त्वरित कार्रवाई करनी होगी.

Tags:jharkhand newshazaribagh newscentral governmentillegal miningJharkhand governmentforest department to take action

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