धनबाद(DHANBAD): बीसीसीएल के अधिकारी मान रहे हैं कि हम झरिया की आवाज़ सुनेंगे ही नहीं, जबकि झरिया की सामाजिक संस्था कसम खाकर बैठी है कि हम सुना कर ही रहेंगे। आपको एक्शन के लिए भी लोकतांत्रिक तरीके से बाध्य कर देंगे। दरअसल, झरिया में प्रदूषण की रफ्तार बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है. बड़े-बड़े नेता तो चुपी साध कर बैठ गए हैं. झरिया को फिर से "झरिया" बनाने की उन्हें कोई चिंता नहीं है. लेकिन झरिया की सामाजिक संस्थाएं यह काम कर रही हैं और पूरी ईमानदारी से कर रही है.
धनबाद से लेकर रांची और रांची से लेकर दिल्ली तक लगातार आवाज उठा रही हैं. बीसीसीएल या नगर निगम झरिया की सामाजिक संस्थाओं की परीक्षा ले रहे हैं तो सामाजिक संस्थाएं भी परीक्षा से हटने को तैयार नहीं हैं. धीरे -धीरे ही सही ,आंदोलन बढ़ रहा है और लोग जुड़ रहे हैं. बता दें कि सामाजिक संस्था यूथ कांसेप्ट ने रविवार को धनबाद नगर निगम के झरिया क्षेत्र में व्याप्त वायु प्रदूषण के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाया।
संस्था के सदस्यों ने झरिया नीचे कुल्ही, उपर कु ल्ही, शाह नगर, इंदिरा चौक पर अभियान चलाते हुए लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया। संस्था के अखलाक अहमद ने लोगों से सीधी बात करते हुए कहा कि धनबाद नगर निगम चुनाव का बिगुल बज चुका है. झरिया में भी चुनावी माहौल बन चुका है. नेताओं का घोषणा पत्र भी तैयार है, लेकिन झरिया का सबसे बड़ा मुद्दा, जो वायु प्रदूषण का है, उसका समाधान कैसे होगा? इस पर अभी तक कोई बात नही कर रहा है. जब सांसे ही नहीं रहेगी तो विकास कार्यों का क्या महत्व रह जाएगा?
मो अखलाक ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अपने घर परिवार और आने वाली पीढ़ी को बचाने के लिए अभी जागरूक होकर आवाज उठाना अत्यंत जरूरी है. अन्यथा एक दिन ऐसा आएगा, जब झरिया की हवा इतनी जहरीली हो जाएगी कि सांस लेना कठिन हो जाएगा। उन्होंने बताया कि यह अभियान पूरे चुनावी महासमर तक झरिया के विभिन्न वार्डों में चलाया जाएगा और आमजनों को जागरूक किया जाएगा, ताकि आमजन वोट मांगने वाले प्रत्याशियों से ये सवाल पूछ सके. हस्ताक्षर अभियान में संस्था के अंसार अली खान, बबलू, नदीम,शशिकांत,मो सज्जाद,मो अदनान,संतोष कुमार,शुभम शर्मा,रफीक,अमजद खान,साहिल खान,बिट्टू कुमार, असफाक अहमद, मो गुलाम आदि सदस्य शामिल थे.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
