रांची (RANCHI): झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ चल रहे अभियान में सुरक्षा बलों को अब तक की सबसे बड़ी सफलता हाथ लगी है. सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ‘ऑपरेशन मेगा बुरु’ के तहत 15 शीर्ष नक्सलियों को मार गिराया गया है. यह मुठभेड़ सारंडा के जंगलों में हुई, जहां सुबह 6 बजे से रुक-रुक कर गोलीबारी जारी है. सीआरपीएफ के आईजी साकेत कुमार सिंह ने बताया कि इस अभियान के दौरान अब तक 15 नक्सलियों के शव बरामद किए जा चुके हैं. उन्होंने कहा कि इस बड़ी कार्रवाई के बाद झारखंड में अब गिने-चुने नक्सली ही बचे हैं. खास तौर पर अनल के मारे जाने से ओडिशा बॉर्डर भी लगभग नक्सल मुक्त हो जाएगा. आईजी साकेत कुमार सिंह के अनुसार, अब तक मारे गए 15 नक्सलियों में से 5 की पहचान हो चुकी है, जबकि बाकी की शिनाख्त की जा रही है.
मारे गए इनामी नक्सली
- अनल – झारखंड में 1 करोड़ और ओडिशा में 1 करोड़ 20 लाख का इनामी
- अनमोल – झारखंड में 25 लाख और ओडिशा में 65 लाख का इनामी
- अमित मुंडा – झारखंड में 5 लाख और ओडिशा में 43 लाख का इनामी
- राजेश लोहरा – 5 लाख का इनामी
इस बड़ी कार्रवाई के बाद सुरक्षा बलों ने नक्सलियों से अपील भी की है. आईजी ने कहा कि अभी भी समय है, जो लोग हथियार लेकर जंगलों में घूम रहे हैं, वे मुख्यधारा में लौट आएं. किसी भी नजदीकी पुलिस कैंप में पहुंचकर आत्मसमर्पण करें और नई जिंदगी की शुरुआत करें. अभियान आईजी डॉ. माइकल एस. राज ने बताया कि झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ का संयुक्त अभियान बेहद प्रभावी साबित हो रहा है. उन्होंने कहा कि यह झारखंड में अब तक की सबसे बड़ी नक्सल विरोधी सफलता है. अनल दा के खात्मे को नक्सलियों के लिए सबसे बड़ा झटका बताया जा रहा है.
डॉ. माइकल एस. राज ने जानकारी दी कि अनल पर कुल 149 मामले दर्ज थे, जिनमें कई बड़ी और गंभीर वारदातें शामिल हैं. उन्होंने साफ कहा कि अब हालात बदल चुके हैं. नक्सलियों की हर गतिविधि पर पुलिस और सुरक्षा बलों की नजर है और हर सूचना उनके पास मौजूद है. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस कार्रवाई के बाद नक्सल नेटवर्क को उबरने में लंबा समय लगेगा और झारखंड-ओडिशा क्षेत्र में शांति की राह और मजबूत होगी.
