☰
✕
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • TNP Special Stories
  • Health Post
  • Foodly Post
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Art & Culture
  • Know Your MLA
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • Local News
  • Tour & Travel
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • Special Stories
  • LS Election 2024
  • covid -19
  • TNP Explainer
  • Blogs
  • Trending
  • Education & Job
  • News Update
  • Special Story
  • Religion
  • YouTube
  1. Home
  2. /
  3. News Update

अंश-अंशिका के बदौलत घर लौट आए 50 माँ के लाल, खुला बाल तस्करी का खौफनाक जाल, कई राज्यों तक फैला है गिरोह

अंश-अंशिका के बदौलत घर लौट आए 50 माँ के लाल, खुला बाल तस्करी का खौफनाक जाल, कई राज्यों तक फैला है गिरोह

रांची (RANCHI): धुर्वा से मासूम अंश और अंशिका की सकुशल वापसी ने रांची पुलिस को एक बड़े बाल तस्करी गिरोह तक पहुंचा दिया है. इस मामले के खुलासे के बाद पुलिस की विशेष जांच टीम ने शहर और आसपास के इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की, जिसमें अब तक 50 बच्चों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया है. इन बच्चों को विभिन्न ठिकानों से बरामद कर बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया गया है.

पुलिस के अनुसार, इनमें से 12 बच्चों को एक दिन पहले ही तस्करी के इरादे से अगवा किए जाने की पुष्टि हो चुकी है. शेष 38 बच्चों की पहचान और उनके यहां रहने की परिस्थितियों की जांच जारी है. यह स्पष्ट किया जा रहा है कि कौन बच्चे अपराध का शिकार हैं और किन मामलों में अन्य तथ्य सामने आ सकते हैं.

पूरे मामले की शुरुआत 2 जनवरी को अंश और अंशिका के अपहरण से हुई थी. इसके बाद 17 जनवरी को धुर्वा थाना में 13 आरोपियों और 12 बरामद बच्चों के संबंध में प्राथमिकी दर्ज की गई. तभी से एसआईटी इस गिरोह की परत-दर-परत जांच कर रही है.

जांच में खुलासा हुआ है कि इस नेटवर्क का मुख्य सरगना रामगढ़ जिले के कोठार गांव का रहने वाला विरोधी खेरवार है. उसके साथ एंथोनी खेरवार और सिल्ली के टुटकी नवाडीह निवासी आशिक गोप जैसे कई लोग जुड़े हुए हैं. पुलिस इन आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है, ताकि पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा सकें.

जिन 12 बच्चों के अपहरण की पुष्टि हो चुकी है, उनके माता-पिता की तलाश में पुलिस लगातार प्रयास कर रही है. पहचान और सत्यापन के बाद बच्चों का डीएनए परीक्षण कराया जाएगा और फिर उन्हें उनके वास्तविक परिवारों को सौंपा जाएगा. ये बच्चे रांची के सिल्ली, रामगढ़ के कोठार और लातेहार के बारियातू क्षेत्र से बरामद किए गए हैं.

अब तक इस मामले में कुल 15 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. इनमें लातेहार के बारियातू थाना क्षेत्र के शिव टोला निवासी राज रवानी भी शामिल है, जिसने पुलिस पूछताछ में दो शादियों और 14 बच्चों का दावा किया है. पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है.

एसएसपी राकेश रंजन के अनुसार, यह गिरोह खानाबदोश तरीके से काम करता था. झोपड़पट्टियों, कचरा बीनने वाले और अत्यंत गरीब परिवारों के बच्चों को निशाना बनाया जाता था, ताकि उनकी तलाश जल्दी न हो सके. अगर बच्चों को तुरंत बेच नहीं पाते थे, तो उन्हें लंबे समय तक अपने पास रखकर चोरी, पॉकेटमारी और अन्य अपराधों में इस्तेमाल किया जाता था.

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह सिर्फ झारखंड तक सीमित नहीं है, बल्कि ओडिशा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और बिहार तक फैला हुआ है. कई आरोपी पहले से ही अन्य मामलों में चार्जशीटेड हैं. पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित और पेशेवर बाल तस्करी नेटवर्क है, जिसका पूरा सच धीरे-धीरे सामने आ रहा है.

Published at:20 Jan 2026 06:07 AM (IST)
Tags:ranchiansh anshikaansh anshika newsansh anshika ranchichild traffickingchild trafficking in ranchichild trafficking gangchild trafficking newschild trafficking big update
  • YouTube

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.