हजारीबाग (HAZARIBAGH): विनोबा भावे विश्वविद्यालय में कार्यरत एक सहायक प्राध्यापक ने विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलसचिव पर गंभीर आरोप लगाए हैं. शिक्षक का आरोप है कि वेतन की मांग को लेकर बातचीत करने पहुंचे दौरान उनके साथ न सिर्फ अभद्र व्यवहार किया गया, बल्कि जातिसूचक टिप्पणी कर अपमानित भी किया गया. मामले को लेकर शिक्षक ने हजारीबाग पुलिस अधीक्षक और अनुसूचित जाति-जनजाति थाना में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है.
मामला विनोबा भावे विश्वविद्यालय के बीएड विभाग से जुड़ा है. सहायक प्राध्यापक डॉ. भगवत राम ने आरोप लगाया है कि फरवरी 2026 से उनका वेतन बिना किसी पूर्व सूचना के रोक दिया गया है. उन्होंने बताया कि लगातार वेतन नहीं मिलने के कारण उनका परिवार गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है. डॉ. भगवत राम के अनुसार उनकी मां लकवा से पीड़ित हैं और हर महीने इलाज पर भारी खर्च होता है. वेतन बंद होने से परिवार की स्थिति बेहद खराब हो गई है. उन्होंने कहा कि आर्थिक परेशानी के कारण वे अपनी मां का समुचित इलाज भी नहीं करा पा रहे हैं.
शिक्षक ने अपनी शिकायत में बताया कि 2 मई 2026 को वे बीएड शिक्षक संघ के कुछ पदाधिकारियों के साथ वेतन मामले पर चर्चा करने विश्वविद्यालय पहुंचे थे. आरोप है कि जब वे प्रभारी कुलसचिव के कार्यालय में पहुंचे तो वहां उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया. डॉ. भगवत राम का आरोप है कि प्रभारी कुलसचिव ने उनके लिए कथित तौर पर जातिसूचक और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया. उन्होंने दावा किया कि उन्हें “नीच”, “अछूत” और अन्य अपमानजनक शब्द कहकर कार्यालय से बाहर निकल जाने को कहा गया.
इतना ही नहीं, शिक्षक ने यह भी आरोप लगाया कि कुलसचिव के निर्देश पर एक निजी कर्मी ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और कॉलर पकड़कर चैंबर से बाहर निकाल दिया. घटना के बाद शिक्षक ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है. इस मामले के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय परिसर में चर्चा तेज हो गई है. शिक्षक संगठनों ने घटना की निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है.