गुमला(GUMLA): जिंदगी भर मेहनत कर परिवार का सहारा बनने वाला मनोज उरांव अब इस दुनिया में नहीं रहा, जिले के वृंदा पंचायत स्थित बहवार टोली के रहने वाले मनोज की मुंबई में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डास दिया है. जिस बेटे के सहारे घर चलती थी, उसकी मौत की खबर ने जैसे परिवार की उम्मीदें ही छीन लीं. घर में मातम पसरा है, मां-बाप बेसुध हैं और पत्नी का रो-रोकर बूरा हाल है.
बताते चला की मनोज उरांव कुछ दिन पहले वह गोवा में काम करने के लिए घर से निकला था. लेकिन इसी बीच अचानक खबर आई कि उसका शव मुंबई के एक सुनसान इलाके में मिला है. मुंबई पुलिस ने इसे पहले इसे आत्महत्या बताया है, लेकिन परिजनों इस बात से साफ इनकार रहे थे. उनका कहना है कि मेरा बेटा ऐसी कदम नहीं उठा सकता है और मामले को संदिग्ध करार दिया है. परिवार का कहना है कि उन्हें जो फॉटो और जानकारी मिली हैं, वे कई सवाल खड़े करती हैं. शव एक बिजली के खंभे से लटका हुआ था, लेकिन उसके पैर जमीन को छू रहे थे. इसके अलावा शरीर पर खून के निशान, गहरे घाव, चाकू से वार जैसे निशान और एक टूटा हुआ हाथ भी देखा गया, जिससे परिवार को यह किसी बड़ी साजिश या हत्या का शक है.
मृतक की पत्नी ने आरोप लगाया है कि गांव की ही एक लड़की ने मनोज को मुंबई बुलाया था और यात्रा का खर्च भी उठाया था. घटना के बाद से उस लड़की का मोबाइल बंद है. इतना ही नहीं, मनोज के साथ गए दो ओर मजदूरों का भी कोई पता नहीं चल रहा है और उनके फोन भी स्विच ऑफ हैं, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया है.
मुंबई पुलिस ने आधार कार्ड के आधार पर पहचान करते हुए गुमला पुलिस को जानकारी भेजी थी, जिसके बाद परिवार ने शव की पहचान की पुष्टि की. परिजन ने शव को गुमला लाने की कोशिश की, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने और सरकारी मदद न मिलने के कारण यह संभव नहीं हो पाया। अब परिवार न्याय और जांच की मांग कर रहा है.