रांची(RANCHI): विदेश में पढ़ाई करने का सपना देखने वाले झारखंड के मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. राज्य सरकार एक बार फिर प्रतिभाशाली युवाओं को दुनिया के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों तक पहुंचाने की तैयारी में है. मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना के तहत योग्य विद्यार्थियों से आवेदन मांगे गए हैं, जिसके जरिए छात्र विदेश जाकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा हासिल करने का अवसर देने के लिए एक बार फिर आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. आदिवासी कल्याण आयुक्त कार्यालय की ओर से वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ‘मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना’ के तहत ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं.
इस महत्वाकांक्षी योजना के माध्यम से अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (SC), अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राएं विदेश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और संस्थानों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे. राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसे मेधावी विद्यार्थियों को वैश्विक मंच तक पहुंचाना है, जो आर्थिक या सामाजिक कारणों से विदेश में पढ़ाई का सपना पूरा नहीं कर पाते.
संशोधित नियमावली 2026 के अनुसार, इच्छुक विद्यार्थी 20 जून 2026 तक ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं. विभाग ने छात्रों से समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है ताकि अंतिम समय में किसी तकनीकी परेशानी का सामना न करना पड़े. यह योजना झारखंड सरकार की प्रमुख छात्रवृत्ति योजनाओं में मानी जाती है. इसके तहत चयनित छात्रों को विदेश में पढ़ाई से संबंधित सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिससे उन्हें उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सकें.
छात्रों और अभिभावकों को योजना की विस्तृत जानकारी देने के लिए विभाग की ओर से विशेष वेबिनार का आयोजन भी किया जा रहा है. इस वेबिनार में आवेदन प्रक्रिया, पात्रता, जरूरी दस्तावेज और चयन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारियां साझा की जाएंगी. विभाग का मानना है कि इससे अधिक से अधिक छात्र योजना का लाभ उठा सकेंगे. राज्य सरकार की यह पहल उन विद्यार्थियों के लिए बड़ा अवसर मानी जा रही है, जो विदेश में उच्च शिक्षा हासिल कर अपने करियर को नई दिशा देना चाहते हैं. अब इच्छुक छात्रों को तय समय सीमा के भीतर आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी.