रांची(RANCHI): झारखंड गठन के बाद से ही राज्य में रोजगार का मुद्दा उठता रहा है. जिस उम्मीद के साथ राज्य अलग हुआ वह शायद अब भी अधूरा है. यही कारण है कि छात्र अपने भविष्य को बचाने के लिए खुद सड़क पर आवाज उठा रहे है. अगर बात JSSC और JPSC की करें तो यह दोनों आयोग अब तक कोई भी परीक्षा को एक बार में नहीं ले सका है. सभी नियुक्ति विवादों में फस के रह जाती है.इसका मुद्दा सदन से सड़क तक गूँजता रहता है लेकिन कोई ठोस पहल त्रुटि दूर करने में नहीं दिखती है.
अब JSSC के खलाफ़ छात्र आक्रोशित है,हर बार की तरह फिर परीक्षा में कभी पेपर लीक तो कभी विज्ञापन ही रद्द कर दिया जा रहा है. लेकिन अब छात्र आयोग और सरकार से सवाल पूछ रहे है, छात्रों का मानना है कि जान बूझ कर नियुक्तियों को लटका दिया जाता है. अगर कोई नियुक्ति का परीक्षा ठीक से हो जाए तो उसकी सीट बिक जाती है. ऐसे में जो योग्य है वह बाहर और अयोग्य नौकरी पर कब्जा कर लेते है.
कई मुद्दों को लेकर झारखंड के विभिन्न इलाकों से हजारों की संख्या में छात्र JSSC कार्यालय घेरने रांची पहुँच रहे है. छात्र हजारों की संख्या में पहुँचने के उम्मीद है,सभी के जुबान पर एक ही सवाल है कि आखिर कब तक ऐसे आंदोलन करते रहेंगे. अब इस सवाल पर सत्ता पक्ष के विधायक इरफान अंसारी भी छात्रों के समर्थन में आ गए है. इरफान अंसारी ने कहा कि सभी राज्य में परीक्षा एक बार में हो जाती है. लेकिन झारखंड में आखिर क्या हो जाता है.क्यों यहाँ पेपर लीक और विज्ञापन रद्द कर दिया जाता है. उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को सदन में भी उठाने का काम करेंगे. सत्ता में है तो इसका मतलब नहीं की गलत को भी चुप हो कर देखते रहे. जो अधिकारी गलत कर रहा है उसे हटा कर नए को लाने की जरूरत है जिससे छात्रों के भविष्य में अंधेरा ना छाए.
