गढ़वा(GARHWA): सूबे के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने गढ़वा जिले के कभी उग्रवाद के गढ़ रहे बूढ़ा पहाड़ का अचानक दौरा कर जमीनी हकीकत का जायजा लिया. उनके इस दौरे ने सुरक्षा व्यवस्था और विकास कार्यों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है. केंद्रीय स्तर पर नक्सलमुक्त भारत की घोषणा के कुछ ही दिनों बाद वित्त मंत्री का यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है.
दौरे के दौरान मंत्री ने सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ाया और कहा कि उग्रवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि अभी नियंत्रण की स्थिति में है. उन्होंने अधिकारियों से अब तक हुए विकास कार्यों की जानकारी ली और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की. इस दौरान कुल्ही पिकेट प्रभारी प्रदीप सिंह और बूढ़ा पहाड़ पिकेट प्रभारी वीरेंद्र पासवान के कार्यों की सराहना की. उन्होंने प्रदीप सिंह को ₹5000 एवं वीरेंद्र पासवान को ₹10,000 की प्रोत्साहन राशि अपने निजी स्तर से प्रदान की.
मंत्री ने टेहरी पंचायत के मुखिया बिनको टोप्पो के साथ क्षेत्र के 11 गांवों का निरीक्षण किया और वहां चल रही योजनाओं की प्रगति जानी. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास कार्यों में तेजी लाई जाए, ताकि क्षेत्र में बदलाव साफ दिखाई दे. साथ ही कहा की लगभग दो दशक पहले वे कुल्ही क्षेत्र आए थे और तभी से बूढ़ा पहाड़ आने की इच्छा थी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर उन्होंने इस दौरे के जरिए जमीनी स्थिति को समझने का प्रयास किया है.
मंत्री ने बीडीओ अमित कुमार और सीओ राकेश भूषण सिंह को निर्देश दिया कि सरकार की ओर से घोषित सभी योजनाओं की समीक्षा कर उन्हें जल्द जमीन पर उतारा जाए. साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी क्षेत्र की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने के लिए सक्रिय रहने को कहा गया.
उन्होंने विश्वास जताया कि अगले एक वर्ष में बूढ़ा पहाड़ क्षेत्र की तस्वीर बदल जाएगी. हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि ये इलाका नक्सल प्रभावित रहा और अब यह इलाका काफी हद तक शांत हुआ है, लेकिन पूरी तरह उग्रवाद समाप्त करने के लिए अभी और प्रयास जरूरी हैं.
रिपोर्ट- धर्मेन्द्र कुमार