रांची (RANCHI): झारखंड सरकार की प्रायोजन योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने को लेकर रांची जिला प्रशासन ने कमर कस ली है. उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर शुक्रवार को उप विकास आयुक्त रांची सौरभ कुमार भुवनिया की अध्यक्षता में एक अहम ऑनलाइन वर्चुअल बैठक आयोजित की गई.
इस बैठक में रांची जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी और शहरी क्षेत्र के अंचल अधिकारी शामिल हुए. साथ ही सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा कोषांग रांची और जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी भी मौजूद रहे.
योजना के दिशा-निर्देशों पर हुई विस्तृत चर्चा
बैठक के दौरान महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग, झारखंड द्वारा जारी प्रायोजन देखभाल योजना 2018 के दिशा-निर्देशों की विस्तार से जानकारी दी गई. अधिकारियों को बताया गया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य 18 वर्ष से कम आयु के ऐसे बच्चों के जीवन स्तर में सुधार लाना है, जिनके परिवार की वार्षिक आय 75 हजार रुपये तक है और जो सामाजिक या पारिवारिक संकट से जूझ रहे हैं.
इन परिस्थितियों में बच्चों को मिलेगा लाभ
योजना के तहत ऐसे बच्चों को शामिल किया जाएगा, जिनके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी हो या जिन्होंने बच्चों का परित्याग कर दिया हो. इसके अलावा रिश्तेदारों की देखरेख में रह रहे बच्चे, गंभीर बीमारी जैसे HIV AIDS या कुष्ठ रोग से पीड़ित माता-पिता वाले बच्चे, सौ प्रतिशत दिव्यांग अभिभावकों के बच्चे, कारागृह में बंद माता-पिता के बच्चे तथा बाल विवाह, बाल श्रम, बाल तस्करी या किसी भी प्रकार के शोषण से प्रभावित बच्चे भी इस योजना के पात्र होंगे.
पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए आर्थिक सहायता
चिन्हित बच्चों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए उनके परिवारों को पोषण, शिक्षा, चिकित्सा और अन्य आवश्यकताओं के लिए अनुपूरक आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है. इसका उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित वातावरण और बेहतर भविष्य देना है.
हर प्रखंड से कम से कम 10 बच्चों की पहचान अनिवार्य
बैठक में सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों और शहरी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र से कम से कम 10 पात्र बच्चों का चिन्हांकन करें. चयनित बच्चों की सूची और सभी संबंधित विवरण अनिवार्य रूप से 31 जनवरी 2026 तक जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने को कहा गया है.
बाल कल्याण की दिशा में अहम पहल
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह योजना झारखंड सरकार की बाल संरक्षण और कल्याण नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. इसके माध्यम से जरूरतमंद बच्चों और उनके परिवारों को सहारा देकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है.
किसी भी जन शिकायत या जानकारी के लिए रांची जिला प्रशासन का आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर अबुआ साथी – 9430328080 जारी किया गया है.
