जमशेदपुर (JAMSHEDPUR):पूर्वी सिंहभूम जिले में जंगली हाथियों का उत्पात है. जिले में सबसे अधिक प्रभावित चाकुलिया वन क्षेत्र है. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 2017 से अब तक चाकुलिया वन क्षेत्र में जंगली हाथियों ने 43 लोगों को मौत के घाट उतारा है. जबकि 37 लोगों को गंभीर रूप से घायल भी किया है. अब भी कई जंगली हाथी वन क्षेत्र में घूम रहे है और उत्पात मचा रहे है. हाथियों के उत्पात के कारण ग्रामीणों में दर्शन का माहौल है. हाथियों के कारण शाम ढलते ही कई गांव के लोग अपने घरों में दुबक जाते है. वन विभाग भी हाथियों से लोगों को सुरक्षा नहीं दे पा रहा है. चाकुलिया के अलावा पूर्वी सिंहभूम जिले के मुसाबनी, घाटशिला, राखा और मानगो रेंज भी हाथियों से प्रभावित है, लेकिन चाकुलिया रेंज में हाथियों का उपद्रव सबसे अधिक है.
8 सालों में 271 घर तोड़े
चाकुलिया रेंज में हाथियों ने पिछले 8 साल (2017 से 2026 अप्रैल) हाथियों ने 271 घरों को तोड़ा है. 416.061 हेक्टेयर कृषि भूमि पर लगी फसलों को भी बर्बाद किया है. आंकड़े क्षेत्र में मानव-हाथी संघर्ष को दर्शाते है. इधर, वन विभाग ने मृत 43 लोगों में से 41 के आश्रितों को मुआवजा दे दिया है. दो मामलों में कागजी प्रक्रिया पूरी नहीं होने और उत्तराधिकारी नहीं होने के कारण भुगतान लंबित है. घायलों में भी तीन लोगों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है. वहीं, क्षतिग्रस्त 271 घरों में से चार और बर्बाद 416 हेक्टेयर फसल में से आठ हेक्टेयर के नुकसान का मुआवजा अभी बाकी है.
चाकुलिया के ये गांव हाथी प्रभावित
चाकुलिया रेंज में 20 से अधिक गांव हाथी प्रभावित है. कभी कभी हाथियों का झुंड बाजार क्षेत्र में भी घुस आता है. बाजार क्षेत्र में स्थित एफसीआई गोदाम में कई बार हाथी घुस चावल चट कर गए है. वही, चाकुलिया गौशाला में भी हाथियों के दल ने खेती को भारी मात्रा में नुकसान पहुंचाया है. चाकुलिया के मचाडीहा, बड़ामारा, कलसीमूंग, जमुआ आदि गांव हाथी से प्रभावित है.
हाथियों से नुकसान का आंकड़ा
हाथी के हमले से मृत
2017-18- तीन
2018-19- तीन
2019-20- आठ
2020-21- चार
2021-22- तीन
2022- 23- तीन
2023 - 24 -आठ
2024- 25- आठ
2025- 26- तीन
हाथी के हमले से घायल
2018-19- एक
2019-20- तीन
2020-21- चार
2021-22- छह
2022-23 - छह
2023-24- आठ
2024-25- छह
2025-26- तीन
रिपोर्ट-रोहित सिंह