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तो क्या झारखंड में लोकसभा के साथ ही होंगे विधानसभा के चुनाव ,जानिए क्यों उठ रहा है यह सवाल 

BY -
Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 14, 2026, 3:12:58 AM

धनबाद(DHANBAD)  तो क्या झारखंड में लोकसभा के साथ ही विधानसभा के भी चुनाव होंगे.  यह सवाल इसलिए उठ रहे हैं कि राजनीतिक दलों में  अंदर खाने यह चर्चा चल रही है और उसकी तैयारी शुरू कर दी गई है.  भाजपा 30 मई से लेकर 30 जून तक महा जनसंपर्क अभियान शुरू कर रही है.  इस अभियान का उद्देश्य तो बताया जा रहा है कि मोदी सरकार के 9 साल  की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाना है.  लेकिन पर्दे के पीछे एक और मकसद है और यह मकसद है कार्यकर्ताओं को रिचार्ज करने का.  बूथ लेवल तक व्यवस्था दुरुस्त करने का, इ सके लिए घोषित तौर से जो भी  निर्देश मिले हैं, वह तो है ही, पर्दे के पीछे से भी कार्यकर्ताओं को आदेश और निर्देश मिल रहे है.  

कार्यकर्ताओं को मिल रहे हैं डबल टास्क 

लोकसभा चुनाव के साथ जिन राज्यों में चुनाव होने हैं, वहां के कार्यकर्ताओं के लिए 2-2 टास्क दिए जा रहे है.  यह काम सिर्फ भाजपा ही नहीं कर रही है बल्कि अन्य दल भी कर रहे है.  सभी दलों की सक्रियता बढ़ी हुई है.  नेताओं के बोल चुनावी मोड में दिखने लगे है.  आरोप-प्रत्यारोप तो अब चुनाव का एक हिस्सा हो गया है.  वह भी शुरू हो गया है.  भाजपा का एक  महीने का जनसंपर्क अभियान झारखंड में कितना सफल होगा ,यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन तैयारी की जा रही है.  और यह जनसंपर्क अभियान रिहर्सल कहा जा सकता है.  वैसे, झारखंड की राजनीति की बात करें तो संथाल और कोयलांचल किसी भी पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है. संथाल और कोयलांचल में लोकसभा की 6  तथा विधानसभा की कुल 34 सीटें है. 

संथाल -कोयलांचल की पांच लोकसभा सीटें है भाजपा के पास 

लोकसभा में राजमहल को छोड़ 5 सीटें गोड्डा , दुमका ,धनबाद, कोडरमा भाजपा के पास है वहीं गिरिडीह लोकसभा सीट भाजपा के सहयोगी दल आजसू के खाते में है.  वैसे विधानसभा चुनाव की बात करें तो भाजपा की हालत 2019 में संथाल में  ठीक नहीं रही.  कोयलांचल की 16 सीट में 8 धनबाद, बाघमारा, निरसा,  सिंदरी, बोकारो, चंदनकियारी और बाबूलाल मरांडी की धनवार सीट भाजपा के पास है. वैसे ,संथाल की 18 सीट में सिर्फ 4 सीट राजमहल, सारठ, देवघर और गोड्डा  भाजपा को मिली है.  संथाल परगना भाजपा के लिए बड़ी चुनौती है तो  झारखंड मुक्ति मोर्चा के लिए भी बचाना बहुत बड़ी चुनौती है.  इन सबसे अलग बाबूलाल मरांडी के लिए संथाल की सीटें बहुत ही महत्वपूर्ण होंगी.  आदिवासी चेहरा के नाम पर भाजपा बाबूलाल मरांडी को पार्टी में फिर से शामिल कर उपलब्धि हासिल करना चाहती है.  

बाबूलाल मरांडी के लिए संथाल की सीटें होंगी बड़ी चुनौती 

देखना होगा कि बाबूलाल मरांडी के प्रभाव से संथाल परगना में भाजपा सीटों की संख्या बढ़ा पाती है, झारखंड में फिर से सरकार बना पाती है. या  झारखंड मुक्ति मोर्चा अपने गठबंधन दलों के साथ मिलकर फिर से सरकार पर काबिज होगा.  वैसे पूरे झारखंड की 14 लोकसभा सीटों में 12 सीट भाजपा के पास है.  राजमहल और चाईबासा में भाजपा को हार मिली है.  चाईबासा से  पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की पत्नी  गीता कोड़ा सांसद हैं तो राजमहल में झारखंड मुक्ति मोर्चा के टिकट पर कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे थॉमस हांसदा  के बेटे विजय हांसदा सांसद है. वैसे गोड्डा के लिए पूर्व सांसद फुरकान अंसारी के लिए उनके बेटे विधायक इरफान अंसारी फील्डिंग सजा रहे है. 

रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 

Tags:dhanbadchunawloksabhawidhansabhataiyari

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