रांची(RANCHI): देश के लोकतांत्रिक ढांचे को और अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाने की दिशा में भारतीय निर्वाचन आयोग ने एक बड़ा कदम उठाया है. मतदाता सूची को त्रुटिहीन और सटीक बनाने के उद्देश्य से आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) चरण-3 की शुरुआत कर दी है. इस अभियान में झारखंड सहित 16 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश शामिल किए गए हैं. इसका लक्ष्य जनगणना कार्यों के साथ तालमेल बनाते हुए एक अद्यतन और सही मतदाता सूची तैयार करना है.
भारतीय निर्वाचन आयोग ने देशभर में मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) चरण-3 शुरू करने का निर्देश जारी किया है. इस प्रक्रिया के तहत झारखंड सहित कुल 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में व्यापक स्तर पर मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया जाएगा. आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे और किसी भी प्रकार की त्रुटि या डुप्लीकेट एंट्री सूची में मौजूद न हो.
झारखंड के लिए यह अभियान विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. 5 अगस्त से 14 अगस्त तक पुनरीक्षण की तैयारी, प्रशिक्षण और प्रिंटिंग का कार्य किया जाएगा. इस चरण में बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे घर-घर जाकर सही तरीके से मतदाता सत्यापन कर सकें.
सबसे अहम चरण 16 अगस्त तक चलेगा, जिसके दौरान बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे. इस प्रक्रिया में नए पात्र मतदाताओं को जोड़ने और पुराने रिकॉर्ड की जांच करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. इसके बाद प्रारूप मतदाता सूची (ड्राफ्ट रोल) प्रकाशित की जाएगी.
ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद 5 अगस्त से 3 अक्टूबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज करने का अवसर दिया जाएगा. इस अवधि में नागरिक अपने नाम जोड़ने, हटाने या सुधार के लिए आवेदन कर सकेंगे. इसके बाद सभी आपत्तियों और सुधारों का निपटारा कर अंतिम मतदाता सूची तैयार की जाएगी, जिसका प्रकाशन 20 अक्टूबर को किया जाएगा.
निर्वाचन आयोग ने जानकारी दी है कि इस पूरे अभियान में लगभग 3.94 लाख बूथ लेवल अधिकारी (BLO) और 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट (BLA) सक्रिय रूप से काम करेंगे. यह प्रक्रिया देश के लगभग 36.73 करोड़ मतदाताओं को कवर करेगी, जिससे मतदाता सूची को और अधिक विश्वसनीय बनाया जा सकेगा.
आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से भी अपील की है कि वे प्रत्येक मतदान केंद्र पर अपने बूथ लेवल एजेंट (BLA) की नियुक्ति सुनिश्चित करें. विशेष रूप से झारखंड जैसे राज्यों में, जहां भौगोलिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं, राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी से मतदाता सूची को और अधिक सटीक बनाया जा सकेगा. इससे दोहरे नामों को हटाने और नए पात्र मतदाताओं, खासकर 1 जुलाई 2026 की पात्रता तिथि वाले नागरिकों, को सूची में शामिल करने में मदद मिलेगी.
इस बार पुनरीक्षण कार्यक्रम को जनगणना के ‘हाउस लिस्टिंग’ कार्यों के साथ समन्वय में रखा गया है, ताकि फील्ड स्तर पर संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके. आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को इस चरण से बाहर रखा गया है, जिसका कारण वहां की भौगोलिक और मौसम संबंधी परिस्थितियां हैं.