सिमड़ेगा(SIMDEGA): भुनेश्वर में चल रहे फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप में भारतीय महिला फुटबॉल टीम में झारखंड की 6 खिलाड़ियों को मौका मिला था. इस फुटबॉल टीम में सिमडेगा की पूर्णिमा कुमारी भी थी. आज जिले में लौटने पर हॉकी सिमडेगा के अगुवाई में पूर्णिमा का भव्य स्वागत किया गया. पूर्णिमा के इंतजार में खड़े खेल प्रेमी खिलाड़ी बाजे-गाजे और राष्ट्रीय झंडा लेकर पूर्व से ही खड़े थे. जैसे पूर्णिमा अपने भाई बलदेव मांझी के साथ रांची से सिमडेगा पहुंची, तो पूर्णिमा को फूल माला पहनाकर और बुके देकर स्वागत किया गया. पूर्णिमा का स्वागत सिमडेगा हॉकी कार्यालय में पूरे पारंपरिक रीति-रिवाज से किया गया. उसके स्वागत में हॉकी सिमडेगा के पदाधिकारी, जिला के खेलप्रेमी के साथ-साथ सिमडेगा के भूतपूर्व विधायक सह मंत्री विमला प्रधान भी उपस्थित थी.
“बिना सुविधाओं के भी खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं”
इस मौके पर हॉकी सिमडेगा के अध्यक्ष मनोज कोनबेगी ने कहा कि सिमडेगा में फुटबॉल के लिए कोई सुविधा नहीं है. फिर भी खिलाड़ी खुद से मेहनत करते हैं. हम खेल प्रेमियों और विद्यालय के शिक्षकों के मार्गदर्शन की बदौलत पूर्णिमा ने आज जिस मुकाम को छुआ है, वह सिमड़ेगा जिले के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है. पूर्णिमा की चांदनी जिला के फुटबॉल के विकास में रोशनी लेकर आएगी. हम सभी को इन खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने की जरूरत है.
वहीं पूर्व विधायक विमला प्रधान ने कहा कि पूर्णिमा की उपलब्धि जिला और राज्य के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है. मुझे पूर्णिमा का खेल देखकर बहुत ही खुशी हुई कि एक सुदूरवर्ती छोटे से गांव से आगे बढ़ते हुए वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में सिमड़ेगा की बेटी इतना अच्छा प्रदर्शन कर रही है. यह जिला के सभी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक है.
काफी संख्या में ग्रामीण स्वागत करने पहुंचे
इस मौके पर अंतरराष्ट्रीय ग्रैंड मास्टर शतरंज प्रतियोगिता में रैंकिंग प्राप्त जिला के शतरंज खिलाड़ी प्रवीण कुमार जैन ने पूर्णिमा का स्वागत करते हुए कहा कि मुझे जैसे ही पूर्णिमा की आने की खबर मिली, मैं दौड़ा-दौड़ा यहां पर पहुंच गया. कोई भी खिलाड़ी जब जिला का अच्छा करता है, मेरा मन प्रफुल्लित होता है. स्वागत कार्यक्रम में पूर्णिमा के गांव जाम बहार से उसके पिता, बड़ी बहन सहित दर्जनों गांव के लोग सिमडेगा पहुंचे थे.
जिला मुख्यालय में स्वागत के बाद गांव पहुंचने पर पूर्णिमा को फुटबॉल के गुर सिखलाने वाले राजकीयकृत उत्क्रमित मध्य विद्यालय जामबाहर के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने तथा गांव में ग्रामीणों में भी शानदार स्वागत किया. विद्यालय परिवार की ओर से विद्यालय पहुंचते ही पूर्णिमा को बुके और स्वागत गान गा कर स्वागत किया गया. उनके स्वागत में विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुबोध कुमार रजक ने कहा कि शुरुआती दौर में यहां खेल का माहौल ही नहीं था. धीरे-धीरे स्कूल छुट्टी होने के बाद और संडे के दिन में भी हम लोग यहां आकर बच्चों के साथ फुटबॉल खेलते थे और आस-पास होने वाले छोटे-बड़े सभी प्रतियोगिताओं में भाग लेते थे. उन्होंने आगे कहा कि आज हमारे विद्यालय का नाम रोशन करते हुए पूर्णिमा वर्ल्ड कप में भारतीय टीम से खेल रही है.
रिपोर्ट: अमित रंजन, सिमडेगा
