☰
✕
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • Local News
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • Special Stories
  • LS Election 2024
  • covid -19
  • TNP Explainer
  • Blogs
  • Trending
  • News Update
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • YouTube
  1. Home
  2. /
  3. News Update

सरायकेला : राज्यपाल के विधेयक वापस करने से हम घबराने वाले नहीं, संघर्ष जारी रहेगा : हेमंत सोरेन

सरायकेला : राज्यपाल के विधेयक वापस करने से हम घबराने वाले नहीं, संघर्ष जारी रहेगा : हेमंत सोरेन

चाईबासा (CHAIBASA) :  कोल्हान प्रमंडलीय सरायकेला खरसांवा जिले में आज खतियानी जोहार यात्रा के दूसरे चरण में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सोमवार को सरायकेला पहुंचे. यहां मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा स्टेडियम में विशाल जनसभा को संबोधित किया और राज्य के आदिवासी- मूलवासियों को बड़ी लड़ाई के लिए तैयार रहने की हुंकार भरी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति को राज्यपाल द्वारा वापस किए जाने पर कहा कि इससे हम घबराने वाले नहीं हैं. यह लड़ाई जारी रहेगी।हम फिर प्रयास करेंगे. इसके पीछे उन्होंने बीजेपी का साजिश करार दिया. उन्होंने कहा कि राज्य की सवा तीन करोड़ जनता ने सरकार को चुना है, वह बेवकूफ नहीं है। वह अपना हक लेकर रहेगी. स्थानीय नीति यहां के युवाओं के लिए बनी थी. यह दिल्ली या अंडमान नहीं है. यह झारखंड है।यहां झारखंडियों की बात होगी.

हेमंत ने भाजपा को बताया बाधक

उन्होंने राज्य के विकास में भाजपा को बाधक बताया और कहा कि केंद्र सरकार को ढाल बनाकर भाजपा यहां के विकास में अवरोध खड़ा कर रही है, जिसे जनता देख रही है.जोहार यात्रा सभा को संबोधित करते हुए मंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि 1932 खतियान ही झारखंड की पहचान होगी. इस दौरान उन्होंने एक नारा दिया कि जो 1932 की बात करेगा वही गांव में प्रवेश करेगा. अलग राज्य के निर्माण के लिए सरायकेला- खरसावां के कई वीरों ने अपनी शहादत दी. पूर्वजों ने अंग्रेजों की गुलामी स्वीकार नहीं किया था. अंग्रेजों को तीर के नोंक से जवाब दिया था।उन्होंने कहा शिबू सोरेन के नेतृत्व में आंदोलन हुआ. इसके बाद झारखंड अगल राज्य बना. यहां के आदिवासियों ने अपने संघर्ष और बलिदान से अलग राज्य हासिल किया अब उनके पुत्र हेमंत सोरेन के नेतृत्व में 1932 का खतियान लिया जाएगा. गुरु जी ने झारखंड दिया उनका पुत्र झारखंड को सा मार रहे हैं 1932 का खतियान चाहिए तो संघर्ष करना ही होगा. उन्होंने बीजेपी पर भी जमकर प्रहार किया. कहा कि राज्य में 20 साल तक शासन किया, लेकिन राज्य में विकास नहीं के बराबर किया.

बीजेपी की चाल जनता समझ चुकी है : बन्ना गुप्ता

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने बीजेपी जमकर निशाना साधा और कहा कि बीजेपी की चाल को जनता समझ चुकी है. झारखंड शहीदों की भूमि है. यहां के लोग सीधे- साधे हैं. कैबिनेट की बैठक होती है, तो पेट में दर्द होता है कि नया क्या निर्णय लेने वाले हैं. उन्होंने सीएम सोरेन की तारीफ करते हुए कहा कि आपके नेतृत्व में आगे राज्य बेहतर ढंग से बढ़ रहा है. वही खतियानी जोहार यात्रा को संबोधित करते हुए राज्य के श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने कहा कि 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति विधेयक को राज्यपाल ने वापस कर दिया है. इसके पीछे बीजेपी का हाथ है. बीजेपी के लोग नहीं चाहते, कि राज्य का विकास हो. यही कारण है कि भाजपा किसी न किसी हथकंडे अपनाकर सरकार को अस्थिर करने में लगी है, इन सबके बावजूद वर्तमान सरकार स्थिर है. यह सरकार गिरने वाली नहीं है. उन्होंने बढ़ती महंगाई का ठीकरा बीजेपी पर फोड़ा.

अंतिम पंक्ति तक विकास पहुंच रहा : श्रम मंत्री

श्रम मंत्री ने कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति में बैठे लोगों तक विकास अब पहुंच रहा है. जिससे बीजेपी को परेशानी हो रही है. कहा कि अभी तो झांकी है दो साल बाकी है. राज्य के सभी उपचुनाव जीते हैं. आगे उपचुनाव भी जीतेंगे. विधायक सविता महतो, दशरथ गगराई, सुखराम हेंब्रम ने भी संबोधित किया. हालांकि मुख्यमंत्री तय समय से करीब 2 घंटे विलंब से पहुंचे. जिस वजह से उनके कई कार्यक्रम रद्द करने पड़े.

रिपोर्ट : संतोष वर्मा, चाईबासा

Published at: 30 Jan 2023 09:57 PM (IST)
Tags:Hemant Sorenkhatiyan johar yatrasaraikelakhatiyajharkhand latest newsthe news post

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.